Natural Ice cream  
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बॉम्बे हाईकोर्ट ने नेचुरल आइसक्रीम ट्रेडमार्क को सुरक्षा प्रदान की

नेचुरल ने तर्क दिया कि कुछ शरारती तत्व इंटरनेट की गुमनामी का फायदा उठाकर, ब्रांड की नकल करने वाली फर्जी वेबसाइटें चला रहे थे।

Bar & Bench

xबॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अंतरिम आदेश जारी किया है, जो अज्ञात 'जॉन डो' (John Doe) व्यक्तियों को 'नैचुरल' (NATURAL) आइसक्रीम के रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क और कॉपीराइट का उल्लंघन करने से रोकता है। साथ ही, यह आदेश उन्हें फर्जी फ्रैंचाइज़ी योजनाओं के ज़रिए आम जनता को धोखा देने से भी रोकता है। [सिद्धांत आइस क्रीम्स एलएलपी और अन्य बनाम जॉन डो और अन्य]

न्यायमूर्ति माधव जे. जामदार ने कहा कि जुहू स्थित आइसक्रीम कंपनी के मालिक ने अंतरिम राहत के लिए एक बहुत मजबूत प्रथम दृष्टया मामला (prima facie case) पेश किया है। उन्होंने ब्रांड की लंबे समय से चली आ रही साख और 1984 से बाजार में इसकी मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए यह बात कही।

न्यायाधीश ने कहा, “मुकदमे से पता चलता है कि वादी (नेचुरल्स) 1984 से आइसक्रीम के कारोबार में हैं। बिक्री के आंकड़ों और प्रचार गतिविधियों पर हुए खर्च के विवरण से पता चलता है कि प्रतिवादी नंबर 1, गलत इरादे से, 'नेचुरल्स आइसक्रीम' (NATURAL Ice Cream) नाम का इस्तेमाल कर रहा है, ताकि वह वादी के बड़े बाजार का फायदा उठा सके।”

Justice Madhav Jamdar

यह मुकदमा 'NATURAL' (नेचुरल) फैमिली मार्क्स के रजिस्टर्ड मालिक, सिद्धांत आइस क्रीम्स LLP और उनके मास्टर फ्रैंचाइज़ी द्वारा दायर किया गया था।

उन्होंने तर्क दिया कि कुछ धोखेबाज़ लोग इंटरनेट की गुमनामी का फायदा उठाकर, इस ब्रांड की नकल करने वाली फर्जी वेबसाइटें चला रहे थे। ये जालसाज़ अनजान लोगों को नकली पत्र और भ्रामक ईमेल भेजते थे, और उनसे फर्जी फ्रैंचाइज़ी लाइसेंस के बदले पैसे की मांग करते थे।

इन फर्जी वेबसाइटों ने यह झूठा दावा भी किया कि RK गुप्ता नाम के व्यक्ति इसके संस्थापक हैं, जबकि असल में इस बिज़नेस की शुरुआत 1984 में स्वर्गीय रघुनंदन कामथ ने मुंबई के जुहू में की थी।

अदालत ने कई प्रतिवादियों और उनसे जुड़ी संस्थाओं को 'NATURAL' ट्रेडमार्क, उससे मिलते-जुलते लोगो, या किसी भी तरह के भ्रामक रूपों का इस्तेमाल करने से रोक दिया है। यह रोक वेबसाइटों, डोमेन नामों, ईमेल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म—सभी पर लागू होती है।

जस्टिस जमदार ने उन्हें वादी के कॉपीराइट का उल्लंघन करने और धोखाधड़ी वाले फ्रैंचाइज़ी अवसर देकर 'पासिंग ऑफ' (गलत तरीके से खुद को असली ब्रांड बताकर व्यापार करना) करने से भी रोक दिया।

'NATURAL' की ओर से वकील ऋषिकेश शुक्ला, रोहित अयंगर और माहिर अमीर पेश हुए, जिन्हें शार्दुल अमरचंद मंगलदास एंड कंपनी (Shardul Amarchand Mangaldas & Co) ने नियुक्त किया था।

गोडैडी (GoDaddy) की ओर से वकील SP राजुरकर पेश हुए।

[आदेश पढ़ें]

Siddhant_Ice_Creams_LLP___Anr__v__John_Doe_s____Ors.pdf
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Bombay High Court protects NATURAL ice cream trademark