दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को NEET UG पेपर लीक मामले में CBI की ओर से दाखिल चार्जशीट के मीडिया में लीक होने और गवाहों के नाम – जिनमें से कुछ नाबालिग हैं – के कथित तौर पर उजागर होने पर हैरानी जताई।
राउज़ एवेन्यू कोर्ट में बने फास्ट-ट्रैक कोर्ट के स्पेशल जज अजय गुप्ता ने कहा कि "इस बारे में कुछ करने की ज़रूरत है।"
कोर्ट ने कहा "जो चीज़ें डिस्कस ही नहीं हुई हैं जो चीज़ें सिर्फ़ चार्जशीट का हिस्सा हैं वो एक तरह से टेक्निकली आप कह सकते हैं कि अंडर स्क्रूटनी है। यह मेरे लिए बहुत बड़ा शॉक है, आप जानते हैं? इस बारे में कुछ करना होगा।"
कोर्ट ने कहा कि यह मीडिया समेत सभी स्टेकहोल्डर्स की ज़िम्मेदारी है कि ट्रायल में कोई भेदभाव न हो।
कोर्ट ने आगे कहा, "मैं तो एक बात कह रहा हूँ ओपन कोर्ट में...देखो मीडिया की भी एक ज़िम्मेदारी बनती है। हमारी सबकी ज़िम्मेदारी बनती है ट्रायल जिस तरह से क्रिमिनल लॉ में लिखा है वैसे होनी चाहिए। कोई भी प्रेजुडिस नहीं होना चाहिए। तो मैं तो सब लोगों से कहूंगा कि अगर ऐसी रिपोर्टिंग है तो, उन्हें ऐसी चीजें नहीं करनी चाहिए।"
डिफेंडेंट्स की तरफ से पेश हुए वकील ने यह भी कहा कि इससे उनके केस पर बुरा असर पड़ सकता है और कोर्ट में चार्जशीट फाइल होने से पहले ही मीडिया के पास उसकी कॉपी थी।
कोर्ट ने कहा कि वह रिपोर्ट्स की जांच करेगा और देखेगा कि क्या करने की ज़रूरत है।
CBI ने NEET UG पेपर लीक केस में करीब 20,000 पेज की चार्जशीट फाइल की है। इसमें 13 लोगों को आरोपी बनाया गया है।
चार्जशीट में, एजेंसी ने कहा है कि 3 सब्जेक्ट एक्सपर्ट्स ने अलग-अलग तरीकों से दिल्ली में नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ऑफिस से NEET एग्जाम के सवाल लीक किए। कोर्ट को बताया गया है कि आरोपी ऐसा इसलिए कर पाए क्योंकि कॉन्फिडेंशियल सेक्शन से बाहर निकलते समय उनकी तलाशी नहीं ली गई थी।
जज अजय गुप्ता ने आज CBI की चार्जशीट पर भी संज्ञान लिया और कहा कि वह 13 अगस्त से आरोप तय करने पर दलीलें सुनना शुरू करेंगे।
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"Big shocker": Delhi court on NEET UG paper leak chargesheet, witness names being revealed in media