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नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता वाली समिति परीक्षा सुधारों की सिफारिश करेगी: केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया

नीलेकणि के अलावा, समिति में पूर्व इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ और पूर्व इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) निदेशक तपन डेका भी शामिल हैं।

Bar & Bench

केंद्र सरकार ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि उसने भारत में प्रतियोगी परीक्षाएं आयोजित करने में सुधारों पर विचार करने और उनकी सिफारिश करने के लिए इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया है।

केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच को बताया कि सरकार ने हाल ही में हुए प्रश्न पत्र लीक (जिसमें NEET भी शामिल है) के मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और सुधारों के सुझाव देने के लिए एक हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी बनाने की घोषणा की है।

नीलेकणि के अलावा, इस कमेटी में ISRO के पूर्व चेयरमैन एस. सोमनाथ और इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के पूर्व डायरेक्टर तपन डेका जैसे लोग भी शामिल हैं।

सॉलिसिटर जनरल ने कहा, "मेरा यह बताना फ़र्ज़ है कि केंद्र सरकार ने इस मामले को बहुत गंभीरता से लिया है और एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है। प्रधानमंत्री ने पहले ही इसकी घोषणा कर दी है। इस हाई-लेवल कमेटी के चेयरमैन नंदन नीलेकणि होंगे। कमेटी के अन्य सदस्यों में एस. सोमनाथ (ISRO के पूर्व चेयरमैन), तपन डेका (IB के पूर्व डायरेक्टर - इन्होंने ही NEET में पहले की कमियों का पता लगाने में अहम भूमिका निभाई थी), वी. कामाकोटी (डायरेक्टर, IIT मद्रास), अनीता करवाल (पूर्व केंद्रीय शिक्षा सचिव) और अमृत लाल मीणा (लॉजिस्टिक्स एक्सपर्ट) शामिल हैं।"

Justice PS Narasimha and Justice Alok Aradhe

कोर्ट राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के MP सुधाकर सिंह की उस अर्जी पर सुनवाई कर रहा था जिसमें NEET को कंप्यूटर-बेस्ड मोड में कराने की मांग की गई थी।

यह अर्जी तब फाइल की गई थी जब केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने बड़े पैमाने पर पेपर लीक के आरोपों के बीच 3 मई को हुई NEET-UG 2026 परीक्षा को कैंसिल कर दिया था।

जब आज मामला सुनवाई के लिए आया, तो बेंच ने कहा कि मौजूदा अर्जी कुछ अच्छे मुद्दे उठाती है।

बेंच ने कहा, "ऐसी कई अर्जी हैं जिन पर हमने सुनवाई नहीं की है, लेकिन इस एक में कुछ अच्छे मुद्दे उठाए गए हैं।"

SG मेहता ने बताया कि कोर्ट में पहले से ही ऐसी ही अर्जी पेंडिंग हैं और मौजूदा अर्जी पर भी उनके साथ सुनवाई की जा सकती है।

SG ने कहा, "आप (इसी मुद्दे से जुड़ी) कुछ और अर्जी देख रहे हैं।"

Solicitor General Tushar Mehta

कोर्ट ने पूछा, "जब कामकाज फिजिकल से ऑनलाइन मोड में शिफ्ट होता है, तो कौन-सी अतिरिक्त सुरक्षा सावधानियां बरतनी होंगी, डेटाबेस को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा, वगैरह।"

SG ने कहा, "इसीलिए हमारे साथ मिस्टर नीलेकणी हैं, जो इस विषय के एक्सपर्ट हैं।"

याचिका पर सुनवाई टालते हुए कोर्ट ने कहा, "डेटा स्टोरेज भी एक मुद्दा है। हमने सोमवार (3 अगस्त) को दूसरी याचिकाओं को भी लिस्ट किया है। हम इस पर भी उन्हीं के साथ सुनवाई करेंगे।"

फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन (FAIMA) और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट की ओर से दायर ऐसी ही याचिकाएं पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित हैं।

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Committee chaired by Nandan Nilekani to recommend exam reforms: Centre tells Supreme Court