Patiala House Court 
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दिल्ली अदालत ने हिंदू देवताओ पर पोस्ट के लिए एक्टिविस्ट निशु आज़ाद के ख़िलाफ़ FIR की मांग वाली याचिका पर पुलिस से जवाब मांगा

वकील अमिता सचदेवा ने निशु आज़ाद और उनके पिता के ख़िलाफ़ FIR दर्ज कराने के लिए पटियाला हाउस कोर्ट का रुख़ किया।

Bar & Bench

दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को दिल्ली पुलिस से उस याचिका पर जवाब मांगा, जिसमें स्टूडेंट-एक्टिविस्ट निशु आज़ाद और उनके पिता संजय आज़ाद के ख़िलाफ़ FIR दर्ज करने की मांग की गई है। उन पर सोशल मीडिया पर ऐसा कंटेंट पोस्ट करने का आरोप है जिसमें हिंदू देवी-देवताओं के बारे में आपत्तिजनक बातें कही गई थीं।

चीफ़ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मृदुल गुप्ता ने पुलिस से इस मामले में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है।

इस मामले की अगली सुनवाई जनवरी 2027 में होगी।

कोर्ट वकील अमिता सचदेवा की याचिका पर सुनवाई कर रहा था। इससे पहले उन्होंने अपनी शिकायत लेकर दिल्ली पुलिस से संपर्क किया था।

यह मामला सितंबर 2023 और अगस्त 2026 के बीच कथित तौर पर अपलोड की गई चार पोस्ट से जुड़ा है, जिनमें भगवान शिव, कृष्ण और देवी सरस्वती व दुर्गा का ज़िक्र था।

सचदेवा का आरोप है कि ये पोस्ट जानबूझकर पब्लिश की गई थीं और उनके हटाने के अनुरोध के बावजूद ये पोस्ट मौजूद रहीं।

सचदेवा ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाना) और 196 (दुश्मनी और नफ़रत को बढ़ावा देना) के साथ-साथ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के प्रावधानों के तहत FIR दर्ज करने की मांग की है।

निशु आज़ाद और संजय आज़ाद हाल ही में तब चर्चा में आए थे जब एक अन्य दक्षिणपंथी इन्फ्लुएंसर स्वतंत्र भारद्वाज ने वीडियो में दावा किया कि उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP विरोध प्रदर्शन के दौरान संजय आज़ाद की पिटाई की थी।

बाद में भारद्वाज को इस मामले में गिरफ़्तार किया गया था, हालांकि उन्हें बाद में अंतरिम ज़मानत पर रिहा कर दिया गया।

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Delhi court seeks police reply on plea seeking FIR against activist Nishu Azad for posts on Hindu deities