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दिल्ली हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को दिल्ली दंगों के मामले में चार्ज पर ऑर्डर पास करने की इजाज़त दी; पहले लगी रोक हटाई

कोर्ट ने पिंजरा तोड़ एक्टिविस्ट देवांगना कलिता की उस अर्जी को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने पुलिस से WhatsApp चैट और CAA-NRC प्रोटेस्ट की वीडियो रिकॉर्डिंग मांगी थी।

Bar & Bench

दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को दिल्ली दंगों की साज़िश के मामले में आरोपों पर आखिरी आदेश देने से ट्रायल कोर्ट पर लगी रोक हटा ली।

जस्टिस नीना बंसल कृष्णा ने पिंजरा तोड़ एक्टिविस्ट देवांगना कलिता की अर्जी खारिज करते हुए रोक हटा दी। देवांगना ने CAA-NRC के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शनों की वीडियो रिकॉर्डिंग और पुलिस ग्रुप्स के WhatsApp चैट की मांग की थी, जिसका इस्तेमाल दिल्ली दंगों के मामले में प्रॉसिक्यूशन ने किया था।

जस्टिस कृष्णा ने 12 सितंबर, 2024 को एक ऑर्डर पास किया था जिसमें कहा गया था कि ट्रायल कोर्ट "आरोपों पर बहस जारी रख सकता है, लेकिन कोई आखिरी ऑर्डर नहीं दिया जाएगा"।

आज, हाईकोर्ट ने कलिता की अर्जी खारिज कर दी।

हालांकि, बेंच ने कलिता की एक और अर्जी मान ली, जिसमें उन्होंने पुलिस को मालखाना - पुलिस स्टेशन के अंदर एक सुरक्षित स्टोरेज रूम या वेयरहाउस जहां फिजिकल सबूत और जब्त की गई प्रॉपर्टी रखी जाती हैं - का इंस्पेक्शन करने की इजाज़त देने के लिए निर्देश देने की मांग की थी।

दोनों मामलों में डिटेल्ड ऑर्डर का इंतज़ार है।

Justice Neena Bansal Krishna

खास बात यह है कि दिल्ली पुलिस ने 4 जून को चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय के सामने यह मामला उठाया था ताकि जस्टिस कृष्णा से केस ट्रांसफर किया जा सके, क्योंकि उन्होंने जनवरी में कलिता की वीडियो रिकॉर्डिंग और पुलिस चैट की मांग वाली अर्जी पर ऑर्डर रिज़र्व कर लिया था, लेकिन फाइनल जजमेंट नहीं दे पाई थीं।

पुलिस का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट ने रिज़र्व मामलों में फैसले देने के लिए एक टाइमलाइन तय की है, और इस मामले में टाइमलाइन का उल्लंघन किया गया है।

चीफ जस्टिस उपाध्याय ने कहा था कि वह इस मामले को एडमिनिस्ट्रेटिव साइड से देखेंगे।

कड़कड़डूमा कोर्ट ने 5 सितंबर, 2024 को साज़िश के मामले में आरोपों पर बहस शुरू की थी।

इस मामले में आरोपी हैं उमर खालिद, शरजील इमाम, सफूरा ज़रगर, नताशा नरवाल, देवांगना कलिता, आसिफ इकबाल तन्हा, ताहिर हुसैन, खालिद सैफी, इशारत जहां, मीरान हैदर, गुलफिशा फातिमा, शिफा-उर-रहमान, शादाब अहमद, तस्लीम अहमद, सलीम मलिक, मोहम्मद सलीम खान, अतहर खान और फैजान खान।

दिल्ली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ अनलॉफुल एक्टिविटीज़ प्रिवेंशन एक्ट (UAPA) के कड़े नियम लगाए हैं।

देवांगना कलिता की ओर से वकील आदित एस पुजारी, चैतन्य सुंदरियाल, मानवेंद्र सिंह शेखवत, सिद्धार्थ कौशल और हर्षवर्धन पुश्किन शर्मा पेश हुए।

दिल्ली पुलिस की तरफ से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPPs) अमित प्रसाद और मधुकर पांडे के साथ-साथ एडवोकेट अयोध्या प्रसाद, आरुष भाटिया, ध्रुव पांडे, सरवजीत सिंह और हर्षिल जैन ने रिप्रेजेंट किया।

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Delhi High Court allows trial court to pass order on charge in Delhi Riots case; lifts earlier stay