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दिल्ली हाईकोर्ट ने कंगना रनौत और विजय देवरकोंडा की पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा की याचिकाओं पर नोटिस जारी किया

दोनों एक्टर्स ने ऐसी झूठी खबरों और अश्लील AI-जनरेटेड कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए निर्देश मांगे हैं, जिनमें उनके नाम, तस्वीर या पर्सनैलिटी से जुड़ी विशेषताओं का गलत इस्तेमाल किया गया है।

Bar & Bench

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को एक्टर और बीजेपी सांसद कंगना रनौत और एक्टर विजय देवरकोंडा की उन याचिकाओं पर नोटिस जारी किया, जिनमें उन्होंने अपने पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा की मांग की है।

जस्टिस विकास महाजन ने आज दोनों मामलों में शुरुआती दलीलें सुनीं। इसके बाद उन्होंने सोशल मीडिया मध्यस्थों और उन संस्थाओं को नोटिस जारी कर जवाब मांगा, जिन पर अभिनेताओं के 'पर्सनैलिटी राइट्स' (व्यक्तित्व अधिकारों) का उल्लंघन करने वाला कंटेंट प्रकाशित करने का आरोप है।

Justice Vikas Mahajan

अपनी याचिका में, देवरकोंडा ने ऐसे कंटेंट की ओर ध्यान दिलाया है जो उनकी नकल करता है, साथ ही नकली एंडोर्समेंट और नकली वेबसाइटों का भी ज़िक्र किया है, जिनके बारे में उनके वकील का तर्क था कि वे जनता को गुमराह कर रही हैं।

उन्होंने अश्लील, मानहानि करने वाले और अपमानजनक कंटेंट को हटाने की मांग की है, जिसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डीपफेक और एक्टर की पर्सनैलिटी की विशेषताओं का इस्तेमाल करके डिजिटल रूप से बनाए गए कंटेंट शामिल हैं।

मुकदमे में, उन्होंने यह भी बताया कि Google Play Store पर ऐसे मोबाइल ऐप मौजूद हैं जो उनकी मर्ज़ी के बिना उनकी पर्सनैलिटी की विशेषताओं का गलत इस्तेमाल करते हैं।

उन्होंने टी-शर्ट, मग और अन्य उत्पादों जैसे सामान की बिक्री में अपने पर्सनैलिटी अधिकारों के बिना इजाज़त कमर्शियल इस्तेमाल का मुद्दा भी उठाया है।

उन्होंने Meta प्लेटफॉर्म, X Corp, Google, Flipkart, Amazon, Meesho और Red Bubble से ऐसे कंटेंट और उत्पादों को हटाने की मांग की है।

आज एक्टर की ओर से सीनियर वकील स्वाति सुकुमार, वकील राहुल कुकरेजा और साहिल रवीन् के साथ पेश हुईं। उन्होंने कोर्ट को कई ऑनलाइन पोस्ट दिखाए, जिनके बारे में उन्होंने कहा कि वे देवरकोंडा के पर्सनैलिटी अधिकारों का उल्लंघन करते हैं।

Swathi Sukumar

जस्टिस महाजन ने मामले में समन जारी किए हैं और देवराकोंडा की अंतरिम रोक (interim injunction) की अर्ज़ी पर केस में नामज़द प्रतिवादियों (सोशल मीडिया इंटरमीडियरी और आपत्तिजनक कंटेंट फैलाने वाले लोग) से जवाब भी मांगा है।

जज ने यह भी संकेत दिया कि वह इस मामले में बाद में अंतरिम आदेश पारित करेंगे।

उन्होंने कहा, "ठीक है, मैं आदेश पारित करूँगा।"

मामले की अगली सुनवाई 2 फरवरी, 2027 को होगी।

इस बीच, कंगना रनौत के वकील ने आज अभिनेत्री के बारे में फैल रही फेक न्यूज़ और उनके बारे में ऑनलाइन अपलोड किए गए अश्लील AI-जनरेटेड कंटेंट की ओर ध्यान दिलाया।

हालांकि, कोर्ट ने गौर किया कि जिन कंटेंट का ज़िक्र किया गया था, उनमें से कुछ केवल व्यंग्य (satire) थे।

जज ने पूछा, "यह व्यंग्यात्मक कंटेंट है। आपको क्या समस्या हो सकती है?"

रनौत की ओर से पेश वकील साकेत सीकरी ने कहा कि वह फिलहाल ऐसे कंटेंट को हटाने पर ज़ोर नहीं दे रहे हैं।

सीकरी ने कोर्ट को यह भी बताया कि रनौत के केस में नामज़द कुछ प्रतिवादियों ने, आज की सुनवाई से पहले केस की कॉपी मिलने के बाद, उनके द्वारा बताए गए आपत्तिजनक कंटेंट को हटा दिया है।

कोर्ट ने सीकरी से कहा कि वे ऐसे प्रतिवादियों को अपने केस की पार्टियों की सूची से हटा दें। इसके बाद कोर्ट ने रनौत के केस में समन और अंतरिम रोक की अर्ज़ी पर नोटिस जारी किया।

रनौत की अर्ज़ी पर अगली सुनवाई 3 फरवरी, 2027 को होगी।

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Delhi High Court issues notice on Kangana Ranaut, Vijay Deverakonda's pleas for protection of personality rights