दिल्ली हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक आदेश जारी कर कुछ अनजान लोगों और कई सोशल मीडिया कंपनियों को सीनियर एडवोकेट विकास पाहवा की इजाज़त के बिना उनकी इमेज, नाम और पहचान का इस्तेमाल करने से रोक दिया।
जस्टिस ज्योति सिंह ने ऑनलाइन मौजूद कंटेंट को हटाने का भी आदेश दिया।
पाहवा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि उनकी कई तस्वीरें ऑनलाइन सर्कुलेट की जा रही हैं और लोगों को धोखा देने और फाइनेंशियल फ्रॉड करने के लिए इस्तेमाल की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि यह सर्कुलेशन और इस्तेमाल उनकी सहमति के बिना हो रहा है और इससे उनकी इज्8जत को नुकसान पहुंच रहा है।
आज, पाहवा की ओर से पेश वकील ने कहा कि उनकी तस्वीरों का फेसबुक और इंस्टाग्राम पर बिना इजाजत के इस्तेमाल किया गया है।
वकील ने कहा, "उन तस्वीरों का इस्तेमाल लोगों को धोखा देने के लिए किया जा रहा है।"
वकील की बात सुनने के बाद, जस्टिस सिंह ने कहा कि वह पाहवा के नाम, पहचान और रजिस्ट्रेशन की डिटेल्स का गलत इस्तेमाल होने से बचाने के लिए आदेश देंगी।
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Delhi High Court protects Senior Advocate Vikas Pahwa's name and identity from misuse