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दिल्ली हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न मामले को रद्द करने की याचिका में बृज भूषण सिंह की सुनवाई टालने की अपील पर सवाल उठाया

कोर्ट ने कहा कि आज तक इस मामले में कोई बहस नहीं हुई है।

Bar & Bench

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को बीजेपी नेता बृज भूषण शरण सिंह द्वारा महिला पहलवानों द्वारा उनके खिलाफ दायर यौन उत्पीड़न मामले को रद्द करने की अपनी ही याचिका में बार-बार स्थगन की मांग पर आपत्ति जताई।

जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने कहा कि यह मामला अगस्त 2024 में दायर किया गया था, और आज तक इस पर कोई बहस नहीं हुई है।

बेंच ने सिंह के वकील से कहा, "आप इस पर बहस क्यों नहीं कर रहे हैं? जब से आपने यह मामला दायर किया है, इस पर एक बार भी बहस नहीं हुई है।"

Justice Swarana Kanta Sharma

बेंच ने यह टिप्पणी तब की जब सिंह की ओर से पेश वकील ने सीनियर वकील की गैर-मौजूदगी के कारण मामले में सुनवाई टालने की मांग की।

मामले की सुनवाई 21 अप्रैल तक टालते हुए बेंच ने साफ किया कि सिंह के खिलाफ ट्रायल कोर्ट की कार्यवाही पर कोई रोक नहीं है।

कुल छह पहलवानों ने पूर्व सांसद (MP) और भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष सिंह पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। पहलवानों के सुप्रीम कोर्ट जाने के बाद दिल्ली पुलिस ने सिंह के खिलाफ FIR दर्ज की थी।

15 जून, 2023 को पुलिस ने सिंह के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 (शील भंग करना), 354A (यौन संबंधी टिप्पणी), 354D (पीछा करना) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत अपराधों के लिए चार्जशीट दायर की।

अपनी याचिका में, सिंह ने पूरी कार्यवाही को रद्द करने की मांग की है, जिसमें फर्स्ट इंफॉर्मेशन रिपोर्ट (FIR) और ट्रायल कोर्ट का वह आदेश भी शामिल है जिसमें उनके खिलाफ आरोप तय किए गए थे।

मामले की संक्षिप्त सुनवाई के बाद, कोर्ट ने आज कहा कि शिकायतकर्ता पहलवानों द्वारा दायर जवाब को रिकॉर्ड पर लिया जाएगा। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के रिकॉर्ड भी तलब किए।

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Delhi High Court questions Brij Bhushan Singh's request for adjournment in plea to quash sexual harassment case