The Pioneer newspaper and K Kavitha  
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दिल्ली हाईकोर्ट ने के. कविता को 'द पायनियर' अख़बार के ख़िलाफ़ आरोप लगाने से रोका

कविता के ख़िलाफ़ ₹11 करोड़ का मानहानि का मुक़दमा दायर किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया था कि 160 साल पुराने इस दैनिक अख़बार को KTR ने चुपके से हासिल कर लिया था और अब यह BRS के विचारों को दिखाता है।

Bar & Bench

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को तेलंगाना की नेता के. कविता को ऐसे आरोप और बातें कहने से रोक दिया, जिनमें कहा गया था कि 'द पायनियर' अखबार को उनके भाई केटी रामा राव (KTR) ने चुपके से खरीद लिया था और अब यह अखबार भारत राष्ट्र समिति (BRS) के विचारों को दिखाता है।

जस्टिस सचिन दत्ता ने कई YouTube चैनलों, डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, पत्रकारों और पब्लिशर्स को भी ऐसे ही आरोप लगाने या उन्हें और फैलाने से रोक दिया।

कोर्ट ने आदेश दिया, "हालात को देखते हुए, प्रतिवादी नंबर 1 (के. कविता) को किसी भी प्लेटफ़ॉर्म पर वादी या 'पायनियर' के ख़िलाफ़ मानहानि करने वाले बयान और आरोप — चाहे वे शिकायत में हों या किसी अन्य कंटेंट में — प्रकाशित करने, दोबारा प्रकाशित करने, प्रसारित करने या किसी भी तरह से फैलाने (चाहे सीधे तौर पर हो या अप्रत्यक्ष रूप से) से रोका जाता है। प्रतिवादी नंबर 2-15 पर भी रोक लगाई जाती है।"

Justice Sachin Datta

कोर्ट ने यह आदेश 'द पायनियर' अखबार के मालिक और पब्लिशर, CMYK प्रिंटेक लिमिटेड द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे की सुनवाई के दौरान दिया। अखबार की ओर से वकील सौरव अग्रवाल पेश हुए और उन्होंने तर्क दिया कि आरोप झूठे हैं और कंपनी का शेयरहोल्डिंग पैटर्न इस बात को साबित करता है।

अग्रवाल ने कहा, "भाई-बहन के बीच आपसी झगड़ा चल रहा है। उनका कहना है कि अखबार को उनके भाई कंट्रोल करते हैं। उनका कहना है कि KTR ने अखबार खरीद लिया है।"

उन्होंने आगे कहा कि दूसरे सोशल मीडिया हैंडल और चैनलों द्वारा इन आरोपों को और बढ़ाया जा रहा है, जिससे और ज़्यादा नुकसान हो रहा है।

CMYK प्रिंटेक ने कविता के उन आरोपों के लिए ₹11 करोड़ के हर्जाने की मांग की है, जिनमें कहा गया था कि 160 साल पुराने इस दैनिक अखबार को KTR ने चुपके से खरीद लिया था और अब यह BRS के विचारों को दिखाता है। गौरतलब है कि कविता BRS की सांसद (MP) थीं। हालांकि, पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के चलते सितंबर 2025 में उनके पिता और पार्टी अध्यक्ष K चंद्रशेखर राव (KCR) ने उन्हें पार्टी से सस्पेंड कर दिया था।

यह विवाद 9 जुलाई को कविता द्वारा अपने YouTube चैनल पर पोस्ट किए गए एक लाइव-स्ट्रीम वीडियो से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि KTR ने लगभग ₹188 करोड़ में 'द पायनियर' खरीदा है और लोगों से इसकी रिपोर्टिंग पर भरोसा न करने की अपील की थी।

CMYK प्रिंटेक का कहना है कि ये दावे बेबुनियाद हैं और ऐसा कोई लेन-देन नहीं हुआ है। कंपनी का कहना है कि उसके शेयरहोल्डिंग और बोर्ड रिकॉर्ड से स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि की जा सकती है। कंपनी ने आरोप लगाया कि अन्य प्रतिवादियों (जिनमें YouTube चैनल, डिजिटल प्लेटफॉर्म, पत्रकार और पब्लिशर शामिल हैं) ने कविता के बयान की रिपोर्टिंग करने से कहीं आगे बढ़कर काम किया। मुकदमे में कहा गया है कि उन्होंने बिना किसी स्वतंत्र पुष्टि के, अपनी हेडलाइंस और एडिटोरियल फ्रेमिंग के ज़रिए इस कथित अधिग्रहण को सच के तौर पर पेश किया।

यह भी बताया गया है कि इन आरोपों का असर साफ तौर पर दिखा है; वीडियो के फैलने के बाद भुवनेश्वर, देहरादून, भोपाल और रायपुर में फ्रेंचाइजी और नोएडा व दिल्ली में विज्ञापनदाताओं ने स्पष्टीकरण मांगा, जबकि कम से कम एक सब्सक्राइबर ने सर्विस कैंसिल कर दी।

वकील सौरव अग्रवाल को लेक्सस्टर लॉ (Lexster Law) के वकीलों शांतनु अग्रवाल, अभिनव त्यागी, विनीत पेनमेत्सा, अपर्णा तिवारी, अविशा अग्रवाल, विकास तोमर, प्राची दुबे और अनादि मिश्रा ने जानकारी दी थी।

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Delhi High Court restrains K Kavitha from making allegations against The Pioneer newspaper