दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को कहा कि वह तेलुगु एक्टर अल्लू अर्जुन के पर्सनैलिटी राइट्स की रक्षा के लिए ऑर्डर पास करेगा।
जस्टिस तुषार राव गेडेला ने आज अर्जुन के फाइल किए गए केस पर सुनवाई की।
बेंच ने शुरू में अर्जुन के दिल्ली हाईकोर्ट जाने पर सवाल उठाए, लेकिन आखिर में कहा कि ऑर्डर पास किए जाएंगे।
बेंच ने दिल्ली और अर्जुन के होम स्टेट तेलंगाना के बीच ज्योग्राफिकल दूरी का जिक्र करते हुए कहा, "आप यहां क्यों हैं? बीच में पांच स्टेट हैं।"
हालांकि, अर्जुन की तरफ से पेश हुए वकील ने कहा कि पूरे देश में उल्लंघन हो रहा है।
सीनियर एडवोकेट स्वाति सुकुमार भी अर्जुन की तरफ से पेश हुईं और कहा कि यह सच में डरावना है कि डिफेंडेंट्स में से एक ने एक ऐसा ऐप बनाया है जिससे कोई व्यक्ति अर्जुन जैसे AI से बात कर सकता है।
उन्होंने आगे कहा कि कई दूसरे सेलेब्रिटीज के उलट, अर्जुन ने अपने नाम और सिग्नेचर का ट्रेडमार्क कराया है।
सुकुमार ने कहा, "मैंने अपने सभी रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क बता दिए हैं। मेरे पास 26 रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क हैं। कुछ और सेलेब्रिटीज भी हैं, लेकिन बहुत कम ऐसे हैं जिनके पास इतने रजिस्टर्ड ट्रेडमार्क हैं।"
इंटरमीडियरीज़ की ओर से पेश हुए वकील ने कहा कि कोर्ट ग्लोबल लेवल पर रोक लगाने का ऑर्डर पास नहीं कर सकता, क्योंकि यह मामला एक डिवीज़न बेंच के सामने पेंडिंग है।
जस्टिस गेडेला ने रिक्वेस्ट मान ली।
अल्लू अर्जुन उन एक्टर्स, क्रिकेटरों और दूसरी जानी-मानी हस्तियों की लंबी लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जिन्होंने हाल के सालों में अपनी पर्सनैलिटी और पब्लिक राइट्स को लेकर हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया है।
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Delhi High Court to pass order protecting personality rights of Allu Arjun