दिल्ली हाई कोर्ट ने आज कहा कि वह अभिनेता और राजनेता रवि किशन के खिलाफ अश्लील और अपमानजनक कंटेंट को हटाने का निर्देश देते हुए एक अंतरिम आदेश जारी करेगा।
जस्टिस ज्योति सिंह, किशन की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थीं जिसमें उन्होंने अपने 'पर्सनैलिटी राइट्स' (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा की मांग की थी। किशन ने AI से बने पोर्नोग्राफ़िक और दूसरे अपमानजनक कंटेंट को हटाने की मांग की थी।
कोर्ट ने कहा कि वह अलग-अलग प्रतिवादियों और सोशल मीडिया इंटरमीडियरीज़ को ऐसा आपत्तिजनक कंटेंट हटाने का निर्देश देगी।
कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर ऐसा कंटेंट अपलोड करने वाली संस्था या व्यक्ति, आदेश की कॉपी मिलने के एक हफ़्ते के अंदर उसे नहीं हटाता है, तो Google को किशन द्वारा बताए गए ऐसे कंटेंट के वेब लिंक हटाने होंगे।
किशन की तरफ से पेश हुए सीनियर वकील एन. हरिहरन ने आज कोर्ट को बताया कि उनकी मर्ज़ी के बिना इंटरनेट पर अश्लील और पोर्नोग्राफ़िक कंटेंट और अपमानजनक इंस्टाग्राम रील्स फैलाई जा रही हैं।
किशन की याचिका में कहा गया था, "ऊपर बताए गए प्रतिवादी अपनी-अपनी वेबसाइट पर ट्रैफ़िक लाने और उससे आर्थिक फ़ायदा उठाने के लिए वादी (किशन) की सेलिब्रिटी हैसियत, गुडविल और पब्लिक इमेज का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं।"
किशन ने 'इश्क़ 104.8 FM' पर 'व्हाट इज़ लव विद कवि किशन' नाम के रेडियो सेगमेंट को हटाने की भी मांग की। उन्होंने तर्क दिया कि यह सेगमेंट बिना उनकी मंज़ूरी के कमर्शियल मकसद के लिए उनके नाम, तस्वीर और शक्ल का इस्तेमाल करके उनके अधिकारों का उल्लंघन करता है। उन्होंने यह भी कहा कि 'इश्क़ FM' के ऑफ़िशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर उनकी नक़ल करते हुए AI से बना एक वीडियो भी देखा जा सकता है।
कोर्ट ने संकेत दिया कि वह ऐसा कंटेंट हटाने के लिए विस्तृत आदेश जारी करेगा जो किशन के अधिकारों का उल्लंघन करता हुआ प्रतीत होता है।
इस मामले की अगली सुनवाई 15 अक्टूबर को होगी।
किशन की ओर से सीनियर वकील एन. हरिहरन और संजय उपाध्याय के साथ-साथ वकील नीरज ग्रोवर, कृष्णा कुमार शुक्ला, माधव आनंद, प्रणव प्रसून, एल्विन एंटनी, मानसी बचानी, कुणाल खन्ना और कार्तिक मित्रा पेश हुए।
और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें