दिल्ली हाई कोर्ट ने गुरुवार को एक महिला पत्रकार और दो अन्य लोगों की याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इन लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज किया है; आरोप है कि 3 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान, इन्होंने सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) विवेक भगत के खिलाफ कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणियां की थीं।
एक वकील ने कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश नितिन साम्ब्रे और न्यायमूर्ति संजय शर्मा की पीठ के समक्ष इस मामले को तत्काल सुनवाई के लिए रखा।
वकील ने अदालत से आग्रह किया कि मामले की सुनवाई आज ही की जाए और अंतरिम सुरक्षा की मांग की।
हालांकि, पीठ ने कहा कि मामले की सुनवाई कल होगी।
3 अक्टूबर को दिल्ली में हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर जातिसूचक टिप्पणी करने के मामले में, एसीपी भगत की शिकायत पर दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र पत्रकार रोजी, एक न्यूज़ पोर्टल से जुड़े गजेंद्र सिंह और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, यह एफआईआर 13 अक्टूबर को संसद मार्ग पुलिस स्टेशन में 'अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम' और 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) की धाराओं 221, 356(2) और 3(5) के तहत दर्ज की गई है।
एसीपी भगत का आरोप है कि जब वे जंतर-मंतर के पास कानून-व्यवस्था बनाए रखने की ड्यूटी पर थे, तब उस पत्रकार ने उनकी जाति को लेकर अपमानजनक टिप्पणियां कीं और एसीपी के पद पर उनकी नियुक्ति पर सवाल उठाए। वहीं, इसी विरोध प्रदर्शन के दौरान पत्रकार ने भी एसीपी भगत पर यौन उत्पीड़न और बदसलूकी करने का आरोप लगाते हुए एक अलग शिकायत दर्ज कराई है।
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Delhi Protest: Journalist moves Delhi High Court in SC/ST Act case for comments on cop