Journalist Ravi Nair  x.com
समाचार

पत्रकार रवि नायर ने अडानी मानहानि मामले में अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

मानहानि के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद ज़मानत पर चल रहे नायर को सेशंस कोर्ट में पेश न होने के कारण 17 सितंबर को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

Bar & Bench

पत्रकार रवि नायर ने अडानी ग्रुप की ओर से उनके खिलाफ दायर आपराधिक मानहानि के मामले में जेल से रिहाई की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

नायर, जिन्हें इस साल की शुरुआत में इस मामले में दोषी ठहराया गया था, अपील लंबित रहने के दौरान ज़मानत पर रिहा थे, लेकिन अपीलीय अदालत के सामने पेश न होने के कारण उनके खिलाफ़ गैर-ज़मानती वारंट जारी होने के बाद 17 सितंबर को उन्हें फिर से हिरासत में ले लिया गया।

फरवरी में, एक मजिस्ट्रेट ने अडानी ग्रुप द्वारा दायर आपराधिक मानहानि के मामले में नायर को दोषी ठहराया। यह मामला अडानी ग्रुप पर कई अनैतिक कामों का आरोप लगाने वाले ट्वीट्स और ऑनलाइन लेखों से जुड़ा था। कोर्ट ने फैसला सुनाया कि कंटेंट निष्पक्ष आलोचना से आगे बढ़कर आपराधिक मानहानि के दायरे में आता है। यह मामला सितंबर 2021 में अडानी ग्रुप द्वारा दायर आपराधिक शिकायत से शुरू हुआ था।

कंपनी का आरोप था कि अक्टूबर 2020 और जुलाई 2021 के बीच, नायर ने अपने X (पहले ट्विटर) हैंडल से कई ट्वीट किए और "adaniwatch.org" नाम की वेबसाइट पर लेख लिखे, जिनमें अडानी ग्रुप पर भ्रष्टाचार, क्रोनी कैपिटलिज़्म (सांठगांठ वाली पूंजीवाद), पर्यावरण कानूनों में हेरफेर, सरकारी एजेंसियों के दुरुपयोग और अनैतिक व्यावसायिक प्रथाओं का आरोप लगाया गया था।

दोषी ठहराए जाने के बाद, उन्होंने न्यायिक मजिस्ट्रेट के फैसले को चुनौती देने के लिए सेशंस कोर्ट में अपील दायर की। अपील लंबित रहने के दौरान कोर्ट ने उन्हें ज़मानत पर रिहा कर दिया। हालाँकि, इस महीने की शुरुआत में कोर्ट के सामने पेश न हो पाने के कारण, उनके खिलाफ़ गैर-ज़मानती वारंट जारी किया गया।

इसके बाद नायर सेशंस कोर्ट में पेश हुए और गैर-ज़मानती वारंट जारी किए जाने को चुनौती दी। हालाँकि, कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी और उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

फिर उन्होंने हिरासत से तुरंत रिहाई की मांग करते हुए हाई कोर्ट का रुख किया।

गुजरात हाई कोर्ट के जस्टिस एमके ठक्कर ने मामले की सुनवाई की और अपना फैसला सुरक्षित रख लिया, लेकिन अंतरिम तौर पर उन्हें रिहा करने से इनकार कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि वह बुधवार, 30 सितंबर को आदेश सुनाएगी।

जब नायर के वकील ने अंतरिम रिहाई के लिए ज़ोर दिया, तो हाई कोर्ट ने कहा,

"चूंकि इस मामले की सुनवाई हो चुकी है और मामला आदेश लिखवाने के लिए रखा गया है, इसलिए कोई अंतरिम राहत देने की ज़रूरत नहीं है।"

इसके बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।

और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें


Journalist Ravi Nair moves Supreme Court against arrest in Adani defamation case