कोच्चि सिटी पुलिस ने एक दुर्घटना मामले में एक अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश के खिलाफ मामला दर्ज किया है। 25 अक्टूबर को कोच्चि के चेरानाल्लूर में, न्यायाधीश के बेटे द्वारा चलाई जा रही मर्सिडीज-बेंज कार ने एक दोपहिया वाहन को टक्कर मार दी, जिससे उस पर सवार व्यक्ति की मौत हो गई।
रिपोर्टों के अनुसार, त्रिशूर जिले के इरानजालकुडा की एक अदालत में तैनात जज को मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 199A के तहत आरोपी बनाया गया है।
दुर्घटना में शामिल कार के वे ही रजिस्टर्ड मालिक हैं।
धारा 199A के तहत, यदि कोई नाबालिग मोटर वाहन से जुड़ा कोई अपराध करता है, तो उसके अभिभावक या वाहन के मालिक को जिम्मेदार माना जाता है। कानूनी अपवादों को छोड़कर, उन पर मुकदमा चलाया जा सकता है और उन्हें सजा भी दी जा सकती है।
पुलिस ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के उन दिशानिर्देशों के अनुसार कदम उठाए गए हैं जो किसी न्यायिक अधिकारी के खिलाफ अपराध दर्ज होने पर लागू होते हैं। साथ ही, इस पूरी कार्यवाही की जानकारी जिला न्यायपालिका और केरल उच्च न्यायालय को भी दी जाएगी।
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब पीड़ित के परिवार और कई राजनीतिक व युवा संगठनों ने जज के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
चेरानल्लूर पुलिस द्वारा दर्ज की गई प्राथमिकी (FIR) के अनुसार, पीड़ित जयबालकृष्णन (55) रविवार तड़के करीब 2:20 बजे सड़क किनारे अपनी खाने-पीने की दुकान बंद करके घर लौट रहे थे, तभी यह दुर्घटना हुई।
17 वर्षीय लड़के द्वारा चलाई जा रही कार वल्लारपदम से कलामासेरी की ओर जा रही थी, तभी कंटेनर रोड पर फोर्ड शोरूम के पास उसने कथित तौर पर एक स्कूटर को टक्कर मार दी।
पुलिस ने शुरुआत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281 (लापरवाही से गाड़ी चलाना) और धारा 106 (1) (लापरवाही से मौत का कारण बनना) के तहत मामला दर्ज किया था।
बाद में इसमें BNS की धारा 105 भी जोड़ दी गई, जो 'गैर-इरादतन हत्या' (हत्या की श्रेणी में न आने वाली हत्या) से संबंधित है।
एर्नाकुलम स्थित किशोर न्याय बोर्ड (Juvenile Justice Board) ने सोमवार को नाबालिग को जमानत दे दी थी।
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Kerala Motor Accident Tribunal judge booked under Motor Vehicles Act after son causes fatal accident