बेंगलुरु की एक अदालत ने मंगलवार को कोडिगेहल्ली पुलिस स्टेशन को निर्देश दिया कि वह कर्नाटक के गृह मंत्री जी. परमेश्वर और उपायुक्त शुभा कल्याण के खिलाफ FIR दर्ज करे। इन पर आरोप है कि पिछले साल तुमकुरु में हुई एक कबड्डी प्रतियोगिता के दौरान इन्होंने कथित तौर पर 500 रुपये की शर्त लगाई थी।
42वें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के.एन. शिवकुमार ने स्थानीय अखबारों की रिपोर्टों पर भरोसा करते हुए कहा कि प्रथम दृष्टया यह एक मामला बनता प्रतीत होता है। उन्होंने आगे यह भी कहा कि पुलिस ने शिकायत को बेबुनियाद और सबूतों के अभाव वाला बताकर खारिज कर दिया था।
अदालत ने कहा, "इसके अलावा, कोडिगेहल्ली पुलिस स्टेशन के PSI द्वारा दिए गए समर्थन (endorsement) की जांच करने पर ऐसा प्रतीत होता है कि उक्त पुलिस ने न तो अखबारों की रिपोर्टों पर विचार किया है, और न ही शिकायत को बेबुनियाद और सबूतों के अभाव वाला बताकर खारिज करने से पहले शिकायतकर्ता से कोई दस्तावेज़ या सबूत तलब किए हैं।"
रिपोर्ट्स के अनुसार, तुमकुरु में हुई एक कबड्डी प्रतियोगिता में परमेश्वर और कल्याण ने दक्षिण कन्नड़ ज़िला टीम के खिलाफ ₹500 की शर्त लगाई थी। चूंकि दक्षिण कन्नड़ ज़िला टीम ने प्रतियोगिता जीत ली, इसलिए मंत्री जी. परमेश्वर ने मीडिया को दिए एक सार्वजनिक बयान में बताया कि वे शर्त हार गए।
अदालत ने स्पष्ट किया कि संबंधित अधिकारी या सरकार की पहले से मंज़ूरी की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि कथित अपराध परमेश्वर और कल्याण के आधिकारिक कर्तव्यों का हिस्सा नहीं थे।
इस मामले की अगली सुनवाई 30 अप्रैल, 2026 को होगी।
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