BJP MLA Munirathna  
वादकरण

बेंगलुरु कोर्ट ने रेप पीड़िता को धमकाने के आरोप में BJP विधायक मुनिरत्ना को अंतरिम अग्रिम ज़मानत दी

राजाराजेश्वरी नगर के विधायक पर बलात्कार पीड़िता को बलात्कार का मामला वापस लेने के लिए धमकाने और उस पर दबाव डालने का आरोप है।

Bar & Bench

बेंगलुरु की एक अदालत ने 11 सितंबर को बीजेपी विधायक मुनिरत्ना को अंतरिम अग्रिम ज़मानत दे दी। उन पर आरोप था कि उन्होंने रेप पीड़िता को धमकाया और उस पर दबाव डाला कि वह विधायक के एक करीबी सहयोगी के खिलाफ दर्ज रेप का केस वापस ले ले।

एडिशनल सिटी सिविल और सेशंस जज शिवप्रसाद केबी ने यह आदेश दिया।

कोर्ट ने निर्देश दिया कि राजराजेश्वरी नगर पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले में गिरफ्तारी होने पर, मुनिरत्ना को ₹2 लाख का पर्सनल बॉन्ड और एक ज़मानतदार (श्योरिटी) पेश करने पर रिहा कर दिया जाए।

कोर्ट ने मुनिरत्ना को निर्देश दिया कि वे अभियोजन पक्ष के सबूतों के साथ छेड़छाड़ न करें, गवाहों को धमकाएं या डराएं नहीं और न ही उनसे संपर्क करें। साथ ही, पुलिस द्वारा बुलाए जाने पर जांच में सहयोग करने और संबंधित मजिस्ट्रेट के अधिकार क्षेत्र से बाहर न जाने का भी आदेश दिया।

यह मामला 36 वर्षीय महिला की शिकायत से जुड़ा है, जिसने आरोप लगाया कि 2018 में फेसबुक के ज़रिए उसकी पहचान रविशंकर से हुई थी।

शिकायत के अनुसार, रविशंकर उसे 2019 में उसकी मर्ज़ी के बिना धारवाड़ के एक लॉज में ले गया, जहाँ उसने कथित तौर पर उसे तीन दिन तक रखा और उसके साथ रेप किया। इसके बाद महिला ने 2021 में दिल्ली के चाणक्यपुरी पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 के तहत रेप का मामला दर्ज कराया।

शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में मुनिरत्ना की पहचान उससे हुई और वह उसे अलग-अलग रिसॉर्ट्स में ले गया, जहाँ अन्य लोगों ने उसके साथ रेप करने की कोशिश की और उसकी तस्वीरें खींचीं।

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि बाद में मुनिरत्ना उसे और उसकी बहन को दिल्ली ले गया और रविशंकर के खिलाफ मामला वापस लेने के लिए उन पर दबाव डाला।

इस मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होगी।

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Bengaluru court grants interim anticipatory bail to BJP MLA Munirathna booked for threatening rape victim