Abhishek Banerjee and Supreme Court  
वादकरण

बागी TMC सांसदों को अयोग्य ठहराने में देरी: स्पीकर की कार्रवाई न करने के खिलाफ अभिषेक बनर्जी की याचिका पर SC ने जवाब मांगा

कोर्ट ने बागी सांसदों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा, लेकिन इस मामले में मुख्य प्रतिवादी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को नोटिस जारी करने से परहेज किया।

Bar & Bench

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद अभिषेक बनर्जी की याचिका पर नोटिस जारी किया। यह याचिका लोकसभा स्पीकर ओम बिरला द्वारा उन 20 बागी सांसदों के खिलाफ अयोग्यता याचिकाओं पर फैसला लेने में हो रही देरी के खिलाफ दायर की गई थी, जिन्होंने TMC छोड़कर नेशनलिस्ट सिटिज़न्स पार्टी ऑफ़ इंडिया (NCPI) जॉइन कर ली थी।

भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने बागी सांसदों को नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा, लेकिन इस मामले में मुख्य प्रतिवादी लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को नोटिस जारी करने से परहेज किया।

Justice Joymalya Bagchi, CJI Surya Kant and Justice V Mohana

TMC के टिकट पर जीते लगभग 20 सांसदों ने इस साल जून में पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी के नेतृत्व के खिलाफ बगावत करके अपेक्षाकृत अनजान NCPI का दामन थाम लिया था।

यह घटनाक्रम पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में TMC की हार के ठीक बाद हुआ, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष पैदा हो गया था।

मंगलवार को जब बनर्जी की याचिका पर सुनवाई हुई, तो केंद्र सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत से अनुरोध किया कि वह लोकसभा अध्यक्ष को नोटिस जारी न करे।

उन्होंने कहा, "स्पीकर को नोटिस जारी करने को लेकर मुझे कुछ आपत्तियां हैं।"

जस्टिस बागची ने कहा, "हमें किसी संवैधानिक प्राधिकरण के खिलाफ कोई आदेश पारित नहीं करना है, बल्कि यह सुनिश्चित करना है कि काम समय पर हो। यही सबसे महत्वपूर्ण है।"

CJI ने कहा, "हां। अन्य प्रतिवादी भी हैं।"

बनर्जी ने पूछा, "स्पीकर को नोटिस क्यों नहीं?"

जस्टिस बागची ने पूछा, "आप मामले के निपटारे में रुचि रखते हैं या नोटिस में?"

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