Delhi Deputy Chief Minister Parvesh Verma and AAP leader Saurabh Bharadwaj  
वादकरण

दिल्ली की अदालत ने आप नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा के आपराधिक मानहानि के मामले को खारिज कर दिया

अदालत ने मानहानि के मामले का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।

Bar & Bench

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को आम आदमी पार्टी (AAP) नेता सौरभ भारद्वाज के खिलाफ दिल्ली के उपमुख्यमंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा द्वारा दायर आपराधिक मानहानि का मामला खारिज कर दिया।

वर्मा ने भारद्वाज के खिलाफ़ मानहानि का केस किया था। भारद्वाज ने सोशल मीडिया पर आरोप लगाया था कि सिंह ने उस स्कूल के अधिकारियों के पक्ष में अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया, जहाँ तीन साल की बच्ची के साथ रेप हुआ था।

राउज़ एवेन्यू कोर्ट की एडिशनल चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (ACJM) नेहा मित्तल ने आज इस मामले का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।

कोर्ट ने कहा कि भारद्वाज के आरोप सवाल पूछने की तरह थे और उनसे मानहानि नहीं होती।

इसलिए, जज ने मामले का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया।

जज मित्तल ने कहा, "संज्ञान लेने से इनकार कर दिया गया है।"

विस्तृत आदेश का इंतज़ार है।

खास बात यह है कि वर्मा ने दिल्ली हाई कोर्ट में भारद्वाज के खिलाफ़ ₹5 करोड़ का सिविल मानहानि का केस भी दायर किया है।

वह मामला अभी लंबित है।

वर्मा का आरोप था कि भारद्वाज ने 15 और 16 मई को अपने X हैंडल से "झूठे, दुर्भावनापूर्ण और बेहद अपमानजनक" ट्वीट और वीडियो पोस्ट किए थे। पोस्ट में आरोप लगाया गया था कि सिंह ने मंत्री के तौर पर अपने पद का गलत इस्तेमाल करके अपने कथित सहयोगी को लगभग ₹500 करोड़ के प्राइवेट स्कूल ट्रस्ट में ट्रस्टी नियुक्त किया और वह ट्रस्ट सिंह का ही है।

वर्मा के अनुसार, भारद्वाज ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने (वर्मा ने) उस ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे स्कूल के कर्मचारियों के पक्ष में अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया, जो POCSO मामले में आरोपी हैं।

उन्होंने आगे तर्क दिया कि भारद्वाज ने उन पर भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और फाइल दबाने के आरोप लगाए, जिससे जनता की नज़र में उनकी प्रतिष्ठा कम हुई।

और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें


Delhi court rejects Deputy CM Parvesh Verma's criminal defamation case against AAP's Saurabh Bharadwaj