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वादकरण

दिल्ली HC ने अभिषेक शर्मा के पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़े मुकदमे में समन जारी किए, आपत्तिजनक सामग्री हटाने का निर्देश दिया

कोर्ट ने कहा कि वह कुछ वेबलिंक को हटाने और उनकी पर्सनैलिटी के अनधिकृत इस्तेमाल को रोकने का अंतरिम आदेश जारी करेगा।

Bar & Bench

दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को उन लोगों और संस्थाओं से जवाब मांगा, जिन पर भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा के बारे में कथित तौर पर मानहानि करने वाला, अश्लील और AI से बना कंटेंट पब्लिश करके उनके 'पर्सनैलिटी राइट्स' (व्यक्तित्व अधिकारों) का उल्लंघन करने का आरोप है।

जस्टिस ज्योति सिंह ने कहा कि कोर्ट शर्मा के खिलाफ़ मौजूद कुछ आपत्तिजनक ऑनलाइन कंटेंट को हटाने का आदेश देगा।

कोर्ट ने कहा, "इस समय, मैं उन्हें हटाने का आदेश दूंगी और प्रतिवादियों पर रोक लगाऊंगी, जैसा कि हम आम तौर पर करते हैं।"

Justice Jyoti Singh

इसके अलावा, कोर्ट ने प्रतिवादियों को उनके सोशल मीडिया हैंडल और पते के ज़रिए समन और नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।

इस मामले की अगली सुनवाई 17 नवंबर को होगी।

शर्मा ने कोर्ट में अपने पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकारों) की सुरक्षा और उन्हें गलत तरीके से दिखाने वाले कथित मानहानिकारक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बने कंटेंट को हटाने की मांग की।

शर्मा ने मुकदमे में सोशल मीडिया पर चल रहे AI-जनरेटेड मटीरियल सहित कुछ उल्लंघनकारी कंटेंट को हटाने की मांग की।

उन्होंने आरोप लगाया कि कई सोशल मीडिया पोस्ट में उन्हें गलत तरीके से दिखाने के लिए AI-जनरेटेड इमेज और गुमराह करने वाले कैप्शन का इस्तेमाल किया गया है।

पिछली सुनवाई के दौरान, उनके वकील ने तर्क दिया था कि ऐसी ही एक AI-जनरेटेड पोस्ट में शर्मा को उनकी मैनेजर के साथ गलत तरीके से दिखाया गया था और उन्हें उनकी गर्लफ्रेंड बताया गया था, जिससे गलतफहमी पैदा हुई।

आज की सुनवाई के दौरान, शर्मा की ओर से पेश वकील बहल ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट के पिछले आदेश के पालन में दाखिल अतिरिक्त हलफनामे के अनुसार, कई आपत्तिजनक URL पहले ही हटा दिए गए हैं।

मेटा प्लेटफॉर्म्स की ओर से पेश वकील वरुण पाठक ने कहा कि मेटा के प्लेटफॉर्म पर केवल दो आपत्तिजनक URL बचे हैं और कोर्ट को भरोसा दिलाया कि उन इंस्टाग्राम लिंक को भी हटा दिया जाएगा।

इसके बाद कोर्ट ने रिकॉर्ड में रखी गई फेसबुक और इंस्टाग्राम पोस्ट की जांच की और शिकायत में बताए गए URL की सूची को देखा।

बहल ने आगे कहा कि बचा हुआ कुछ मटीरियल अश्लील और अभद्र था। उन्होंने यह भी बताया कि अमेज़न और फ्लिपकार्ट सहित ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर शर्मा की पहचान का इस्तेमाल करके अनधिकृत लिस्टिंग अभी भी मौजूद हैं।

शर्मा की ओर से वकील गौरव बहल, अंकु खन्ना, अरुंधति धर, हर्षिता और सचिन ठक्कर पेश हुए।

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Delhi High Court issues summons in Abhishek Sharma's personality rights suit, directs removal of offending content