Pinarayi vVjayan, Veena Thaikkandiyil and Mohammed Riyas  
वादकरण

पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन,उनकी बेटी वीणा,मोहम्मद रियास ने CMRL-एक्सलॉजिक मामले मे राहत के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

उन्होंने केरल उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी है, जिसमें ED द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर इस मामले में FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया था।

Bar & Bench

CPI(M) नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन, उनकी बेटी वीणा थैककंडियिल और उनके पति मोहम्मद रियास ने सुप्रीम कोर्ट में याचिकाएं दायर की हैं। इन याचिकाओं में हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें CMRL-एक्सलॉजिक मामले में उनके खिलाफ FIR दर्ज करने का निर्देश दिया गया था [पिनाराई विजयन बनाम एडवोकेट KM शाहजहां और अन्य]।

आज सुबह भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ के समक्ष विजयन की अपील का जिक्र किया गया।

CJI सूर्य कांत ने कहा कि जजों की उपलब्धता को देखते हुए, कोर्ट छुट्टियों के दौरान एक पीठ गठित करने पर विचार करेगा।

CJI ने कहा कि अगर इस मामले की सुनवाई के लिए कोई पीठ उपलब्ध होती है, तो इसे छुट्टियों के दौरान सूचीबद्ध (लिस्ट) किया जाएगा। अन्यथा, यह मामला 26 अक्टूबर को सूचीबद्ध किया जाएगा।

CJI Surya Kant and Justice Joymalya Bagchi

विजयन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा ने आज कोर्ट से आग्रह किया कि CPI(M) नेता को अंतरिम सुरक्षा दी जाए।

उन्होंने कहा, "खतरा इसलिए है क्योंकि अब FIR दर्ज हो चुकी है। मैं बस इतना कह रहा हूँ कि उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए, क्योंकि यही मेरी चिंता है। वरना, 82 साल के एक बुजुर्ग को हिरासत में ले लिया जाएगा... FIR पहले ही दर्ज हो चुकी है। यह व्यक्तिगत स्वतंत्रता का मामला है। अगर ऐसा नहीं होता, तो मैं इतनी जल्दी सुनवाई की मांग नहीं करता।"

CJI कांत ने जवाब दिया, "आज इसकी सुनवाई नहीं हो पाएगी, क्योंकि मुझे पहले यह देखना होगा कि क्या कोई बेंच गठित की जा सकती है... अगर छुट्टियों के दौरान कोई बेंच उपलब्ध होती है, तो हम इसे लिस्ट कर देंगे। वरना, 26 अक्टूबर को सुनवाई होगी।"

यह मामला 'कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड' (CMRL) और वीना थैकंडीइल की कंपनी 'एक्सलॉजिक सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड' के बीच हुए वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं से जुड़ा है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का दावा है कि उसे कुछ ऐसे सबूत मिले हैं जो अपराध की ओर इशारा करते हैं, और उसने ये सबूत केरल पुलिस के साथ साझा किए हैं। राज्य सरकार ने तुरंत FIR दर्ज करने के बजाय, मामले की शुरुआती जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का फैसला किया।

KM शाजहां नाम के एक वकील - जो पूर्व मुख्यमंत्री और CPI(M) नेता, दिवंगत VS अच्युतानंदन के विपक्ष के नेता रहने के दौरान उनके अतिरिक्त निजी सचिव भी रह चुके थे - ने केरल हाई कोर्ट में इस कदम को चुनौती दी और FIR दर्ज करने की मांग की।

9 अक्टूबर को, हाई कोर्ट की एकल-न्यायाधीश (सिंगल-जज) बेंच ने याचिका स्वीकार कर ली और राज्य के 'विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन ब्यूरो' (VACB) को निर्देश दिया कि वह ED से मिली जानकारी के आधार पर विजयन, वीना, रियास और भ्रष्टाचार के संदेह वाले अन्य लोगों (जिनमें निखिल पी, हसन वारिश, शिजल मुहम्मद और नंदुलाल एम शामिल हैं) के खिलाफ FIR दर्ज करे।

इस फैसले को विजयन, वीना, रियास और अन्य लोगों ने हाई कोर्ट की एक डिवीजन बेंच (खंडपीठ) के सामने अपील दायर करके चुनौती दी है। गौरतलब है कि अपीलकर्ता (विजयन, वीना, रियास और अन्य) उस रिट याचिका में पक्षकार नहीं थे, जिसमें एकल न्यायाधीश (सिंगल-जज) ने 9 अक्टूबर को आदेश पारित किया था। इसलिए, यह सवाल उठा कि क्या उन्हें ऐसे मामले में फैसले को चुनौती देने की अनुमति दी जा सकती है, जिसमें वे पक्षकार ही नहीं थे।

न्यायमूर्ति के. नटराजन और न्यायमूर्ति जॉनसन जॉन की खंडपीठ (डिवीजन बेंच) ने कल अपीलकर्ताओं को अपनी अपील आगे बढ़ाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि अपीलकर्ता FIR दर्ज करने के एकल न्यायाधीश के आदेश को चुनौती देने के बजाय, सीधे FIR को ही चुनौती दे सकते हैं।

उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने कहा, "हम पाते हैं कि इस फैसले से आवेदकों के उस कानूनी अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ा है, जिसके तहत वे FIR दर्ज होने के खिलाफ कानूनी उपाय अपना सकते हैं। ऐसी स्थिति में, अपील दायर करने की अनुमति मांगने वाली सभी अर्जियां खारिज की जाती हैं।"

इस फैसले को अब सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है।

याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एन. हरिहरन और अधिवक्ता मयंक जैन, गिल्बर्ट जॉर्ज कोरिया, मधुर जैन और अर्पित गोयल पैरवी कर रहे हैं।

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Ex-CM Pinarayi Vijayan, daughter Veena, Mohammad Riyas move Supreme Court for relief in CMRL-Exalogic case