मद्रास हाईकोर्ट में चार चुनावी याचिकाएं दायर की गई हैं, जिनमें तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और 'तमिलगा वेट्री कझगम' (TVK) के संस्थापक सी. जोसेफ विजय के पेरंबूर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव को चुनौती दी गई है।
दो याचिकाएँ विजय के विरोधी उम्मीदवारों, DMK नेताओं RD शेखर (पेरंबूर) और इंडिगो इरुदयाराज (त्रिची ईस्ट) ने दायर की हैं। बाकी दो याचिकाएँ वोटरों, TN लक्ष्मी नरसिम्हन और S दिनेश ने दायर की हैं।
सूत्रों ने 'बार एंड बेंच' को बताया कि इरुदयाराज ने त्रिची ईस्ट में उपचुनाव पर रोक लगाने की भी मांग की है।
विजय ने 2026 के विधानसभा चुनाव दो निर्वाचन क्षेत्रों, पेरंबूर और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से लड़े थे। वह दोनों सीटों से जीते, लेकिन बाद में पेरंबूर सीट अपने पास रखी और तिरुचिरापल्ली ईस्ट से इस्तीफा दे दिया।
विजय 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पेरंबूर से 53,715 वोटों के अंतर से जीते। भारत के चुनाव आयोग के अनुसार, विजय को 1,20,365 वोट मिले, जबकि शेखर को 66,650 वोट मिले।
अब इन याचिकाओं की वजह से विजय की पेरंबूर जीत न्यायिक जांच के दायरे में आ गई है। चुनाव याचिकाएँ चुने गए उम्मीदवार के चुनाव को चुनौती देने का कानूनी तरीका हैं और इनकी सुनवाई हाईकोर्ट करता है।
ऐसी याचिकाओं से चुने गए उम्मीदवार की स्थिति पर अपने आप कोई असर नहीं पड़ता। चुनाव का नतीजा तब तक लागू रहता है जब तक कि कोर्ट सुनवाई के बाद उसे रद्द न कर दे।
पेरंबूर से विजय की जीत 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में सबसे ज़्यादा चर्चा में रहने वाले मुकाबलों में से एक थी। TVK के ज़रिए राजनीति में आने के बाद यह उनकी चुनावी शुरुआत थी और वह सफल रहे।
विजय द्वारा फरवरी 2024 में पार्टी को औपचारिक रूप से लॉन्च करने के बाद TVK ने विधानसभा चुनाव लड़ा था। पार्टी ने अपने पहले विधानसभा चुनाव में बड़ी चुनावी सफलता हासिल की और राज्य में एक प्रमुख राजनीतिक ताकत के रूप में उभरी।
ये याचिकाएँ तमिलनाडु में TVK विधायकों को तोड़ने की कथित कोशिशों को लेकर चल रहे बड़े राजनीतिक विवाद के बीच दायर की गई हैं।
TVK विधायक N इलैयाराजा ने हाल ही में आरोप लगाया कि उन्हें तमिलनाडु विधानसभा के स्पीकर के खिलाफ वोट देने के लिए प्रभावित करने के मकसद से ₹35 करोड़ की पेशकश की गई थी। इस आरोप के बाद पुलिस ने कार्रवाई की और शुरू में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया। बाद की रिपोर्टों में कहा गया कि कथित तौर पर विधायकों को तोड़ने की कोशिश के सिलसिले में पांच और लोगों को हिरासत में लिया गया।
इस राजनीतिक विवाद में TVK और विपक्षी DMK ने एक-दूसरे पर हॉर्स ट्रेडिंग (विधायकों की खरीद-फरोख्त) के आरोप भी लगाए हैं। TVK ने विजय की अगुवाई वाली सरकार को अस्थिर करने की कोशिशों का आरोप लगाया है, जबकि DMK ने विजय और MDMK नेता वाइको पर अपनी पार्टी के विधायकों को तोड़ने की कोशिश करने का आरोप लगाया है।
विधानसभा चुनावों के बाद से विजय और TVK को मद्रास हाईकोर्ट में चुनाव से जुड़ी कई कानूनी प्रक्रियाओं का सामना भी करना पड़ा है।
कोर्ट ने पहले उन याचिकाओं को खारिज कर दिया था जिनमें विजय और अन्य नेताओं द्वारा दाखिल चुनावी हलफनामों में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। कोर्ट ने उन याचिकाओं पर भी सुनवाई की थी जिनमें विजय के 'फॉर्म 26' में दी गई जानकारी, कथित तौर पर आय छिपाने और TVK के चुनाव प्रचार के तरीकों पर सवाल उठाए गए थे।
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Four election petitions filed before Madras High Court challenging CM Vijay’s Perambur win