Supreme Court  
वादकरण

गोवा नाइटक्लब आग: सुप्रीम कोर्ट ने मालिकों की ज़मानत रद्द करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फ़ैसले को बरकरार रखा

अदालत ने तीनों मालिकों—सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता—को 2 हफ़्ते के अंदर सरेंडर करने का निर्देश दिया।

Bar & Bench

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को बॉम्बे हाईकोर्ट के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब के तीन सह-मालिकों - सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता - की ज़मानत रद्द कर दी गई थी। दिसंबर 2025 में इस नाइटक्लब में आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी।

जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने मालिकों की अपील खारिज कर दी और उन्हें दो हफ़्ते के अंदर अधिकारियों के सामने सरेंडर करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से आरोप तय करने की प्रक्रिया में तेज़ी लाने को भी कहा।

Justices Dipankar Datta and Sheel Nagu

यह मामला 6 दिसंबर, 2025 की रात उत्तरी गोवा के अर्पोरा में 'बिर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब में लगी आग से जुड़ा है।

इस आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी।

पुलिस जांच में पता चला कि क्लब बिना सही सुरक्षा मंज़ूरी या आग बुझाने के ज़रूरी उपकरणों के चल रहा था। बताया जाता है कि आग बिना ज़रूरी सावधानी बरते किए गए इनडोर फायर शो की वजह से लगी थी। पुलिस ने यह भी दावा किया है कि रेस्टोरेंट बिना सही ट्रेड लाइसेंस के चल रहा था।

आग लगने के कुछ घंटों बाद लूथरा भाई थाईलैंड भाग गए थे, लेकिन बाद में उन्हें वापस लाया गया और गोवा पुलिस ने गिरफ़्तार कर लिया।उन पर, क्लब के अन्य पार्टनर, मैनेजर, इवेंट ऑर्गनाइज़र और स्टाफ़ के साथ मिलकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया। इन धाराओं में गैर-इरादतन हत्या (जो हत्या की श्रेणी में नहीं आती), जान जोखिम में डालने वाले काम और आग से जुड़ी लापरवाही जैसे अपराध शामिल हैं।

बाद में उत्तरी गोवा के मापुसा में एडिशनल सेशंस कोर्ट ने उन्हें ज़मानत दे दी।

गुप्ता को 23 मार्च को ज़मानत मिली, जबकि लूथरा भाइयों को 1 अप्रैल को ज़मानत मिली।

इसके बाद राज्य सरकार ने इस फ़ैसले के ख़िलाफ़ हाई कोर्ट का रुख़ किया।

हाईकोर्ट की जस्टिस नीला गोखले ने 19 अगस्त को राज्य सरकार की अपील मंज़ूर कर ली और ज़मानत रद्द कर दी।

इसके बाद आरोपी सुप्रीम कोर्ट गए, जिसने आज उनकी ज़मानत याचिकाएँ खारिज कर दीं।

आरोपियों की ओर से सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी, श्याम दीवान और सिद्धार्थ दवे पेश हुए।

गोवा राज्य की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू, एडवोकेट सुरजेंदु शंकर दास, एनी मित्तल और विश्वजीत शेखावत पेश हुए।

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Goa nightclub fire: Supreme Court upholds Bombay HC decision to cancel bail of owners