Senior Advocate Harish Salve  
वादकरण

हरीश साल्वे अबू धाबी मुकदमे में बैंक ऑफ बड़ौदा का प्रतिनिधित्व करेंगे

अबू धाबी की कार्रवाई खाड़ी क्षेत्र में NMC हेल्थकेयर के बंद होने के बाद किए गए दावों से शुरू हुई है।

Bar & Bench

सीनियर एडवोकेट हरीश साल्वे ने सोमवार को कन्फर्म किया कि वह अबू धाबी ग्लोबल मार्केट कोर्ट्स में चल रही कार्रवाई में बैंक ऑफ बड़ौदा की तरफ से पेश हो रहे हैं। उन्होंने इस मामले को “हमारे लिए एक बड़ा रेप्युटेशनल मामला” बताया।

साल्वे ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह बैंक को रिप्रेजेंट करेंगे और यह "हमारे लिए बहुत बड़ी रेप्युटेशन का मामला है।"

सुप्रीम कोर्ट में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने एक और केस का मेंशन करते समय, साल्वे ने अबू धाबी ट्रायल शेड्यूल के कारण अकोमोडेशन मांगा।

साल्वे ने कहा, "यह जुलाई में हो। अबू धाबी में ट्रायल मई और जून में होना है। अगर मैं वहां नहीं रहा तो उन्हें हार्ट अटैक आ जाएगा।"

अबू धाबी के सामने चल रही प्रोसिडिंग्स बैंक के अबू धाबी ऑपरेशन्स से जुड़ी कथित फाइनेंशियल गड़बड़ियों से जुड़ी हैं, जिससे इंस्टीट्यूशन के लिए बड़े रेगुलेटरी और रेप्युटेशनल असर पैदा हो रहे हैं।

यह UAE में NMC हेल्थकेयर के बंद होने से जुड़े कथित फ्रॉड से उपजा एक बहुत बड़े, हाई-स्टेक सिविल विवाद का हिस्सा है।

CJI Surya Kant and Justice Joymalya Bagchi

यह मामला NMC हेल्थकेयर के बंद होने से जुड़ा है, जो कभी खाड़ी के सबसे बड़े प्राइवेट हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स में से एक और लंदन में लिस्टेड कंपनी थी।

2019 में, NMC के फाइनेंस पर सवाल उठाए गए थे, जिसमें आरोप लगाया गया था कि कंपनी ने अपने कर्ज को काफी कम दिखाया था और अपनी असली फाइनेंशियल स्थिति की गलत तस्वीर पेश की थी।

बाद के खुलासों से अरबों डॉलर की पहले से अनजान देनदारियों का पता चला, जिससे ट्रेडिंग सस्पेंड हो गई और कंपनी 2020 में अबू धाबी ग्लोबल मार्केट कोर्ट्स फ्रेमवर्क के तहत एडमिनिस्ट्रेशन में चली गई।

एडमिनिस्ट्रेटर्स ने बाद में क्रेडिटर्स के लिए फंड रिकवर करने के लिए सिविल कार्रवाई शुरू की, जिसमें कथित धोखाधड़ी वाले गलत बयानों और बंद होने से जुड़े अनियमित फाइनेंसिंग अरेंजमेंट पर फोकस किया गया।

बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़ी कार्रवाई इस बड़े लिटिगेशन लैंडस्केप का हिस्सा है, जो NMC के बंद होने से पहले उसके फाइनेंसिंग अरेंजमेंट के संबंध में अलग-अलग फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशन और दूसरी एंटिटी की भूमिका की जांच करना चाहता है।

अबू धाबी की कार्रवाई में बैंक ऑफ बड़ौदा का प्रतिनिधित्व ब्लैकस्टोन चैंबर्स और ट्वेंटी एसेक्स के वकील कर रहे हैं।

इंडियन फर्म पूवय्या एंड कंपनी इस मामले में सलाह दे रही है, जिसकी टीम को पार्टनर धर्मेंद्र चतुर लीड कर रहे हैं।

UK फर्म बेकर एंड मैकेंजी भी बैंक को रिप्रेजेंट कर रही है, जिसकी टीम को ह्यूग लियोन्स और हेनरी गारफील्ड लीड कर रहे हैं।

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Harish Salve to represent Bank of Baroda in Abu Dhabi trial