सुप्रीम कोर्ट शुक्रवार को एक अंतरिम आवेदन (IA) को 26 अक्टूबर को सूचीबद्ध करने के लिए सहमत हो गया। यह आवेदन एक गर्भवती पत्रकार के उस आरोप से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने कहा है कि 12 अक्टूबर को विपक्ष के मार्च के दौरान, सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री के अंदर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उन्हें धक्का दिया था।
आज, वरिष्ठ अधिवक्ता गौरव भाटिया ने आवेदन को सूचीबद्ध करने की मांग की और यह स्पष्ट करने को कहा कि क्या अदालत ने इससे जुड़े मामलों में नोटिस जारी किया है।
भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने कहा कि आवेदन को 26 अक्टूबर को सूचीबद्ध किया जाएगा।
जब भाटिया ने इस बात को लेकर अनिश्चितता जताई कि क्या उस मामले में नोटिस जारी किया गया है जिसका जिक्र उन्होंने गुरुवार को अदालत के सामने किया था, तो CJI कांत ने स्पष्ट किया,
"सभी मामलों में नोटिस जारी कर दिया गया है।"
यह मामला 12 अक्टूबर को विपक्षी नेताओं द्वारा सुप्रीम कोर्ट तक निकाले गए उस मार्च से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) को चुनौती देते हुए एक याचिका दायर की थी।
यह मार्च ऐसे विरोध-प्रदर्शनों के बीच निकाला गया था, जिनमें मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।
पत्रकार रिचा पाराशर ने आरोप लगाया कि जब वह इस मार्च की कवरेज करने की कोशिश कर रही थीं, तब गांधी ने उन्हें पकड़ा और अपनी ओर खींचा। इसके बाद उनके सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें धक्का दिया, जिससे वह गिर गईं। बाद में उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। कांग्रेस पार्टी ने उनके इस दावे का खंडन किया है।
यह मामला गुरुवार को भी अदालत के सामने उठाया गया था, जब भाटिया ने पीठ से आग्रह किया कि वह इस कथित घटना के बारे में आई खबरों पर संज्ञान ले।
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Journalist moves Supreme Court alleging Rahul Gandhi pushed her during October 12 march