Puneeth Rajkumar  
वादकरण

कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक्टर पुनीत राजकुमार के बारे में आपत्तिजनक इंस्टाग्राम पोस्ट करने वाले NRI छात्र के खिलाफ मामला रद्द किया

कोर्ट ने कहा, "यह काफी दुखद है कि एक सम्मानित फिल्म अभिनेता के निधन के तुरंत बाद ऐसी पोस्ट डाली गई।" इसके बाद, छात्र के भविष्य को ध्यान में रखते हुए कोर्ट ने केस रद्द करने की याचिका को मंज़ूरी दे दी।

Bar & Bench

कर्नाटक हाईकोर्ट ने शुक्रवार को एक NRI छात्र के खिलाफ चल रही आपराधिक कार्यवाही को रद्द कर दिया। इस छात्र पर कन्नड़ फिल्म अभिनेता पुनीत राजकुमार की मौत के कुछ ही समय बाद इंस्टाग्राम पर उनका मज़ाक उड़ाने वाली पोस्ट करने के लिए मामला दर्ज किया गया था [रितविक एस शर्मा बनाम कर्नाटक राज्य]।

Justice Suraj Govindraj

जस्टिस सूरज गोविंदराज ने आज छात्र के व्यवहार की कड़ी आलोचना की, लेकिन छात्र के भविष्य के करियर पर आपराधिक कार्यवाही के बुरे असर को देखते हुए नरमी बरतने और केस रद्द करने पर सहमति जताई।

क्या किसी की मौत के बाद ऐसी पोस्ट डाली जा सकती है? यह काफी दुखद है कि एक सम्मानित फ़िल्म अभिनेता के निधन के तुरंत बाद ऐसी पोस्ट डाली गई है।
कर्नाटक उच्च न्यायालय

बेंगलुरु में शराब की बिक्री पर कुछ समय के लिए रोक लगने के बाद, एक आपत्तिजनक इंस्टाग्राम पोस्ट डालने के लिए 2021 में एक छात्र के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शराब पर यह रोक 29 अक्टूबर, 2021 को पुनीत राजकुमार की मौत के बाद लगाई गई थी।

खबरों के मुताबिक, छात्र के इंस्टाग्राम पोस्ट में किंगफिशर बीयर की बोतल की एक तस्वीर थी, जिस पर लिखा था, "राजकुमार (C*NT) हमें रोक नहीं सकते।"

आज जज ने छात्र के ऑनलाइन व्यवहार पर कड़ी फटकार लगाई।

कोर्ट ने शुरू में छात्र के वकील से कहा, "क्या उनकी मौत के बाद आप इस तरह की पोस्ट डाल सकते हैं? ट्रायल होने दीजिए और फैसला होने दीजिए।"

कोर्ट ने सोशल मीडिया पोस्ट के समय पर खास तौर पर नाराजगी जताई।

कोर्ट ने कहा, "सिर्फ कही गई बात पर ही विचार नहीं करना चाहिए, बल्कि उस समय और संदर्भ पर भी ध्यान देना चाहिए जिसमें वह बात कही गई है। यह दुखद है कि एक सम्मानित फिल्म अभिनेता के निधन के तुरंत बाद ऐसी पोस्ट डाली गई।"

वहीं, छात्र के वकील ने दलील दी कि पोस्ट में कन्नड़ फिल्म अभिनेता का जिक्र नहीं था, बल्कि यह किसी के भी बारे में हो सकता था क्योंकि 'राजकुमार' एक आम नाम है। यह भी कहा गया कि पोस्ट असल में छात्र के दोस्तों ने की थी।

जस्टिस गोविंदराज इन दलीलों से सहमत नहीं हुए।

उन्होंने कहा, "आप चाहते हैं कि हम कोई टिप्पणी करें? आपने कौन सा शब्द इस्तेमाल किया है? वह राजकुमार के बेटे हैं, जिनका निधन हो चुका है, और आप यह शब्द इस्तेमाल करते हैं। इसका क्या मतलब है? आप इसे ज़ोर से नहीं कह रहे हैं, लेकिन सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के लिए यह कोई आम नाम नहीं है। अगर आपके क्लाइंट को लगता है कि यह एक आम शब्द है, तो माफ़ कीजिए।"

इसके बाद वकील ने कोर्ट से नरमी बरतने की अपील की।

उन्होंने बताया कि याचिकाकर्ता छात्र का जन्म और पालन-पोषण लंदन में हुआ था और वह हाल ही में भारत आया था। उन्होंने कहा कि याचिकाकर्ता अभी भारत में इकोनॉमिक्स में बैचलर की पढ़ाई कर रहा है। याचिकाकर्ता के वकील ने कहा कि उसके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही चलने से उसके करियर पर बुरा असर पड़ेगा।

इन दलीलों को देखते हुए, कोर्ट ने आखिरकार छात्र को चेतावनी देने के बाद केस रद्द करने की उसकी याचिका स्वीकार कर ली।

राज्य की ओर से वकील पद्मावती एन पेश हुईं।

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Karnataka HC quashes case against NRI student over offensive Instagram post on actor Puneeth Rajkumar