Gameskraft founders: Deepak Singh, Prithvi Raj Singh and Vikas Taneja  
वादकरण

कर्नाटक हाईकोर्ट ने गेम्सक्राफ्ट के फाउंडर्स की गिरफ्तारी के खिलाफ अर्जी पर ED से जवाब मांगा

गुड़गांव से गिरफ्तार किए गए फाउंडर्स पर प्लेयर्स को असली पैसे वाले गेम्स में फंसाने और लगभग ₹250 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है।

Bar & Bench

कर्नाटक हाईकोर्ट ने मंगलवार को ऑनलाइन गेमिंग कंपनी गेम्सक्राफ्ट के फाउंडर्स की उन पिटीशन पर डायरेक्टरेट ऑफ़ एनफोर्समेंट (ED) से जवाब मांगा, जिनमें मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनकी हालिया गिरफ्तारी को चुनौती दी गई है। [दीपक सिंह बनाम डायरेक्टरेट ऑफ़ एनफोर्समेंट]

जस्टिस MGS कमल की वेकेशन बेंच ने दीपक सिंह, पृथ्वी राज सिंह और विकास तनेजा की पिटीशन पर ED को नोटिस जारी किया।

मामले की अगली सुनवाई 14 मई को होनी है।

Justice MG Shukure kamal

गेम्सक्राफ्ट के फाउंडर्स को पिछले हफ़्ते गुड़गांव से गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने प्लेयर्स को असली पैसे वाले गेम्स में फंसाया और करीब ₹250 करोड़ की मनी लॉन्ड्रिंग की।

इस मामले में आरोप है कि गेम्सक्राफ्ट और उससे जुड़ी कंपनियों ने बोनस, रेफरल इंसेंटिव, इंस्टेंट कैश ऑफर और टूर्नामेंट बेनिफिट्स के ज़रिए यूज़र्स को अपने असली पैसे वाले रमी प्लेटफॉर्म पर फंसाया।

पहली बार यूज़र्स को शुरुआती कम दांव वाले गेम्स में छोटी रकम जीतने दी गई, ताकि उनका भरोसा बढ़े और प्लेटफॉर्म पर आसान कमाई का इंप्रेशन बने। कहा जाता है कि इससे बड़े डिपॉजिट्स को बढ़ावा मिला।

फाउंडर्स और डायरेक्टर्स के खिलाफ दूसरे आरोपों में यह भी शामिल है कि उन्होंने गेम्सक्राफ्ट के पुराने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर, रमेश प्रभु के साथ मिलकर फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस और म्यूचुअल फंड्स में इन्वेस्टमेंट की आड़ में ₹250 करोड़ डायवर्ट और मनी लॉन्ड्र किए।

तेलंगाना में FIR दर्ज होने के बाद, ED ने 8 मई को गेम्सक्राफ्ट के फाउंडर्स को गिरफ्तार कर लिया। बाद में ED ने उन्हें बेंगलुरु ट्रायल कोर्ट में पेश किया, जिसके बाद उन्हें ED की कस्टडी में भेज दिया गया।

आरोपी फाउंडर्स ने अब अपनी गिरफ्तारी को हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

सीनियर एडवोकेट डॉ. एस मुरलीधर प्लेटफॉर्म के फाउंडर्स में से एक, दीपक सिंह की ओर से पेश हुए और कहा कि गिरफ्तारी गैर-कानूनी थी।

उन्होंने आगे कहा, "कंपनी (गेम्सक्राफ्ट) ने पार्लियामेंट द्वारा पास किए गए कानून (ऑनलाइन गेमिंग का प्रमोशन और रेगुलेशन एक्ट, 2025) के तहत अपना ऑपरेशन बंद कर दिया है।"

Senior Advocate Dr. S Muralidhar

गेम्सक्राफ्ट के को-फाउंडर्स पृथ्वी राज सिंह और विकास तनेजा ने भी ऐसी ही पिटीशन डाली हैं। आज की सुनवाई में सीनियर एडवोकेट साजन पूवैया ने उनका पक्ष रखा।

Sajan Poovayya

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Karnataka High Court seeks ED's response to Gameskraft founders' plea against arrest