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वादकरण

पवन खेड़ा ने असम पुलिस की FIR में अग्रिम ज़मानत के लिए गुवाहाटी हाईकोर्ट का रुख किया

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ़्ते, तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा उन्हें पहले दी गई ट्रांज़िट अग्रिम ज़मानत पर अपने द्वारा लगाए गए स्टे को हटाने से इनकार कर दिया।

Bar & Bench

कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुवाहाटी हाईकोर्ट का रुख किया है, जिसमें उन्होंने असम पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा गुवाहाटी में हाल ही में अपने खिलाफ दर्ज किए गए मामले में अग्रिम जमानत की मांग की है।

हाईकोर्ट रजिस्ट्री ने आज सुबह इस याचिका को एक बेंच के सामने लिस्ट करने के लिए रजिस्टर किया।

हाल ही में खेड़ा के खिलाफ मानहानि, जालसाजी और आपराधिक साज़िश का आरोप लगाते हुए एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया था।

यह मामला उनके हालिया दावों के बाद दर्ज किया गया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां के पास कई विदेशी पासपोर्ट और विदेश में अघोषित संपत्तियां हैं।

असम पुलिस 7 अप्रैल को खेड़ा के दिल्ली स्थित आवास पर गई थी, लेकिन वह वहां मौजूद नहीं थे। बाद में खेड़ा ने ट्रांजिट अग्रिम ज़मानत के लिए तेलंगाना हाई कोर्ट का रुख किया।

हाईकोर्ट ने 10 अप्रैल को उन्हें एक हफ़्ते की राहत दी, ताकि वह अग्रिम ज़मानत के लिए असम की अदालतों में जा सकें।

15 अप्रैल को, असम सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट ने तेलंगाना हाई कोर्ट के 10 अप्रैल के आदेश पर रोक लगा दी।

इसके बाद खेड़ा ने एक अर्जी दाखिल कर हाईकोर्ट के ट्रांजिट अग्रिम ज़मानत आदेश पर सुप्रीम कोर्ट की एकतरफ़ा रोक को चुनौती दी।

हालांकि, पिछले हफ़्ते शीर्ष अदालत ने रोक हटाने से इनकार कर दिया और ट्रांजिट ज़मानत की अवधि बढ़ाने से भी मना कर दिया।

अदालत ने खेड़ा से इसके बजाय गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने को कहा।

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Pawan Khera moves Gauhati High Court for anticipatory bail in Assam Police FIR