बेंगलुरु की एक अदालत ने मंगलवार को पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना को दो दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया। यह कार्रवाई बलात्कार के मामले में बंद प्रज्वल रेवन्ना द्वारा परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल के अंदर कथित तौर पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने के सिलसिले में की गई है।
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संदीप पाटिल ने अभियोजन और बचाव पक्ष की दलीलें सुनने के बाद यह आदेश पारित किया।
प्रज्वल रेवन्ना, जिन्होंने 2019 से 2023 तक हासन संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था, अगस्त 2025 में बलात्कार का दोषी ठहराए जाने के बाद उम्रकैद की सज़ा काट रहे हैं।
यह मामला सेंट्रल क्राइम ब्रांच (CCB) की एक रेड से शुरू हुआ, जिसमें कथित तौर पर रेवन्ना के पास से मोबाइल फ़ोन और अन्य डिजिटल डिवाइस बरामद किए गए थे।
शिकायत के अनुसार, 11 अगस्त को की गई रेड के दौरान CCB ने एक हाई-सिक्योरिटी बैरक से एक Redmi 5G स्मार्टफोन, एक नीले कवर वाली नोटबुक, एक चार्जर और एक SanDisk पेन ड्राइव बरामद की। रेवन्ना ने कथित तौर पर दावा किया कि नोटबुक उनकी थी।
पुलिस ने दावा किया कि उन्हें स्मार्टफोन पर Facebook, WhatsApp, Instagram, Netflix, Prime Video और अन्य एप्लिकेशन इंस्टॉल मिले। डिवाइस पासवर्ड-प्रोटेक्टेड था और बाद में जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, फ़ोन का इस्तेमाल कथित तौर पर रेवन्ना के परिवार के सदस्यों और वकीलों से बातचीत करने के लिए किया जा रहा था और सिम कार्ड आंध्र प्रदेश से लिया गया था।
पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 323 के तहत संपत्ति को धोखाधड़ी से छिपाने और कर्नाटक जेल (संशोधन) अधिनियम, 2022 के तहत अपराधों के लिए मामला दर्ज किया।
सहायक लोक अभियोजक सतीश राव ने कहा कि जेल अधिकारियों और कर्मचारियों को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है और यह पता लगाने के लिए जांच ज़रूरी है कि आरोपी के पास मोबाइल फ़ोन, चार्जर और अन्य सामान कैसे पहुंचा।
उन्होंने तर्क दिया कि जेल में आरोपी से ठीक से पूछताछ नहीं की जा सकती और इसलिए, जांच के मकसद से उनकी कस्टडी मांगी।
रेवन्ना की ओर से पेश वकील अरुण जी ने इस याचिका का विरोध किया। उन्होंने कहा कि परप्पना अग्रहारा पुलिस स्टेशन जेल के ठीक सामने है और पुलिस वहां जाकर जांच कर सकती है, बजाय इसके कि प्रज्वल को कस्टडी में लिया जाए।
दलीलें सुनने के बाद, कोर्ट ने आदेश दिया कि रेवन्ना और एक अन्य आरोपी प्रताप राय को 2 दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा जाए।
इस मामले की अगली सुनवाई 10 सितंबर को होगी।
और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें
Prajwal Revanna sent to police custody for two days over mobile phone use in prison