Sanjay Raut  Facebook
वादकरण

सुप्रीम कोर्ट ने संजय राउत से न्यायपालिका के खिलाफ की गई टिप्पणियों को लेकर उनके आचरण पर स्पष्टीकरण मांगा

राउत ने ECI के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं से मिलने से CJI के इनकार की आलोचना की थी।

Bar & Bench

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत से उनके उस बयान पर स्पष्टीकरण मांगा, जिसमें उन्होंने विपक्ष के नेताओं से मिलने से इनकार करने के लिए भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की आलोचना की थी।

भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) की एक पीठ - जिसमें न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची शामिल थे - ने यह आदेश तब दिया, जब वे विपक्ष के नेता राहुल गांधी और 'इंडिया' (INDIA) गठबंधन के अन्य नेताओं द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहे थे। इस याचिका में मतदाता सूची के 'विशेष गहन पुनरीक्षण' (SIR) और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के कामकाज को चुनौती दी गई थी।

राउत भी इस मामले में एक याचिकाकर्ता हैं।

अदालत ने कहा कि वह उन्हें कार्यवाही में केवल अस्थायी (provisional) तौर पर शामिल होने की अनुमति दे रही है, जब तक कि वे अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण नहीं दे देते।

पीठ ने कहा, "W.P. (C) संख्या 1351/2026 (आइटम 25) में, याचिकाकर्ता संख्या 6 की ओर से दायर याचिका को अस्थायी तौर पर स्वीकार किया जाता है, बशर्ते वे अपने आचरण के बारे में स्पष्टीकरण दें।"

CJI Surya Kant and Justice Joymalya Bagchi

राउत ने ECI (चुनाव आयोग) के कामकाज से जुड़े मुद्दों पर गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं से मिलने से CJI (भारत के मुख्य न्यायाधीश) के इनकार की आलोचना की थी। उन्होंने दावा किया था कि सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के 80 जजों को लंदन में राजनीतिक नेताओं के साथ बैडमिंटन खेलते देखा गया था।

राउत ने कहा था, "आप उनसे मिल सकते हैं, उनके साथ खेल सकते हैं, मुख्यमंत्रियों के साथ लंच या डिनर कर सकते हैं। आप अचानक इस्तीफा देकर किसी राजनीतिक पार्टी में शामिल हो सकते हैं। तब आपको सिद्धांतों और कानून की कोई परवाह नहीं होती, लेकिन जब हम लोकतंत्र को बचाने के लिए आपसे मिलना चाहते हैं... तो आप कहते हैं कि हम राजनीतिक नेताओं से नहीं मिलेंगे।"

मीडिया से बातचीत में राउत ने यह भी कहा था कि जज भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राजनीतिक कार्यक्रमों में बेझिझक शामिल होते हैं और पार्टी के मुख्यमंत्री उनके स्वागत में डिनर आयोजित करते हैं।

गौरतलब है कि अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने CJI और न्यायपालिका के बारे में की गई टिप्पणियों को लेकर राउत और पत्रकार निखिल वागले के खिलाफ 'क्रिमिनल अवमानना' (criminal contempt) की कार्यवाही शुरू करने की अनुमति दे दी है।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) - जिसने अवमानना ​​की कार्यवाही शुरू करने के लिए अटॉर्नी जनरल से अनुमति मांगी थी - ने अपनी याचिका में स्पष्ट किया कि लंदन के बैडमिंटन इवेंट की बताई जा रही तस्वीरें असल में नवंबर 2025 में नई दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम में आयोजित एक कार्यक्रम की थीं।

[आदेश पढ़ें]

MA_Baby_vs_Union__1_.pdf
Preview

और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें


Supreme Court asks Sanjay Raut to explain conduct over remarks against judiciary