सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को उस अपील को खारिज कर दिया जिसमें तमिलनाडु के पूर्व बिजली मंत्री वी सेंथिल बालाजी के कार्यकाल के दौरान जारी ट्रांसफॉर्मर टेंडर में कथित अनियमितताओं की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने के मद्रास हाई कोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई थी। [वी कासी बनाम अरप्पोर इयक्कम]
इस मामले में दो अपील फाइल की गई थीं, एक तमिलनाडु जेनरेशन एंड डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन (TANGEDCO) ने और दूसरी उसके फाइनेंशियल कंट्रोलर, कासी ने। कोर्ट ने कासी की अपील खारिज कर दी, जबकि TANGEDCO ने अपनी अपील वापस ले ली।
जस्टिस विक्रम नाथ और संदीप मेहता की बेंच ने अपील खारिज करते हुए CBI को मद्रास हाई कोर्ट की टिप्पणियों से बिना प्रभावित हुए जांच करने का निर्देश दिया।
यह मामला 2021 और 2023 के बीच TANGEDCO द्वारा लगभग ₹1,183 करोड़ कीमत के लगभग 45,800 डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफ़ॉर्मर खरीदने के लिए जारी किए गए दस टेंडर से जुड़ा है। उस समय वी सेंथिल बालाजी तमिलनाडु के बिजली मंत्री थे।
NGO अरप्पोर इयक्कम ने मद्रास हाई कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि इन ट्रांसफ़ॉर्मर की खरीद के लिए जारी किए गए दस टेंडर में कुछ खास बोली लगाने वालों को फ़ायदा पहुंचाने के लिए हेरफेर किया गया, जिससे राज्य के खजाने को कथित तौर पर लगभग ₹397 करोड़ का नुकसान हुआ।
एक मुख्य आरोप यह था कि 25 से 37 बोली लगाने वालों ने कई टेंडर में एक जैसी कीमतें बताईं, जिसके बारे में याचिकाकर्ता ने दावा किया कि यह कार्टेलाइज़ेशन का संकेत है और तमिलनाडु ट्रांसपेरेंसी इन टेंडर्स एक्ट का उल्लंघन है। याचिका में ट्रांसफ़ॉर्मर खरीद में बढ़ी हुई कीमतों का भी आरोप लगाया गया। मद्रास हाई कोर्ट ने 29 अप्रैल को इन आरोपों की CBI जांच का आदेश दिया था।
चीफ जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस अरुल मुरुगन की डिवीजन बेंच ने जांच डायरेक्टरेट ऑफ़ विजिलेंस एंड एंटी-करप्शन (DVAC) से CBI को ट्रांसफर करने का आदेश दिया।
हाईकोर्ट ने देखा कि जिस तरह से DVAC ने जांच को हैंडल किया, उससे निष्पक्षता और भरोसे को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा हुईं। इसने डिटेल्ड शिकायतों के बावजूद FIR दर्ज न करने, जांच में तीन साल से ज़्यादा की देरी और शिकायतों में कई लोगों के नाम होने के बावजूद जांच को एक ही अधिकारी तक सीमित रखने के फैसले पर ध्यान दिया।
कोर्ट ने DVAC को दो हफ़्ते के अंदर सभी रिकॉर्ड और अपनी रिपोर्ट CBI को सौंपने का निर्देश दिया और सेंट्रल एजेंसी को नए सिरे से जांच करने का आदेश दिया।
इसके बाद, हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में दो अपील दायर की गईं, जिन पर आज टॉप कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
कासी की ओर से सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे और डीएस नायडू पेश हुए।
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Supreme Court dismisses pleas against CBI probe into Senthil Balaji-era transformer tenders