Rahul Gandhi and Supreme Court  
वादकरण

सुप्रीम कोर्ट ने PM नरेंद्र मोदी के खिलाफ “कमांडर-इन-थीफ” टिप्पणी को लेकर राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे ट्रायल पर रोक लगाई

यह मामला गांधी की 2018 की उन टिप्पणियों से जुड़ा है, जिनमें उन्होंने राफेल फाइटर जेट डील को लेकर "कमांडर-इन-थीफ" और "चोरों के सरदार" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।

Bar & Bench

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बारे में की गई टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र की एक अदालत में विपक्ष के नेता (LoP) राहुल गांधी के खिलाफ चल रहे मानहानि के मामले में सुनवाई पर रोक लगा दी।

जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस अपारेश कुमार सिंह की बेंच ने राज्य से चार हफ़्ते के अंदर जवाब मांगा।

कोर्ट ने अपने आदेश में कहा, "नोटिस जारी करें। 4 हफ़्ते में जवाब दें। ट्रायल पर रोक लगाई जाती है।"

Justices Vikram Nath and Aparesh Kumar Singh

यह मामला गांधी की 2018 की उन टिप्पणियों से जुड़ा है, जिनमें उन्होंने राफेल फाइटर जेट डील को लेकर "कमांडर-इन-थीफ" और "चोरों के सरदार" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया था।

यह मानहानि का मामला बीजेपी सदस्य महेश श्रीश्रीमाल ने गिरगांव मजिस्ट्रेट कोर्ट में दायर किया था।

शिकायतकर्ता का आरोप था कि सितंबर 2018 में गांधी ने राजस्थान में एक रैली की थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ मानहानि वाली बातें कही थीं।

यह भी कहा गया कि इस मानहानि वाली टिप्पणी के कारण, अलग-अलग न्यूज़ चैनलों और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर मोदी को ट्रोल किया गया।

अगस्त 2019 में, मजिस्ट्रेट ने गांधी को कोर्ट में पेश होने के लिए समन भेजा।

जुलाई 2021 में समन मिलने के बाद, गांधी ने उन्हें बुलाने के आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी।

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Supreme Court stays trial against Rahul Gandhi for "commander-in-thief" remark about PM Narendra Modi