Punjab and Haryana High Court and ED  
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पंजाब के ED द्वारा शीर्ष नौकरशाहों को हिरासत में लेने के दावे के बाद P&H हाई कोर्ट ने WhatsApp के ज़रिए देर रात सुनवाई की

सुनवाई के बाद, कोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को GMADA के परिसर का दौरा करने के लिए एक वारंट अधिकारी नियुक्त करने का निर्देश दिया।

Bar & Bench

पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने बुधवार देर रात सुनवाई की। यह सुनवाई तब हुई जब पंजाब सरकार ने आरोप लगाया कि एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) ने ग्रेटर मोहाली डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के ऑफिस में चल रही छापेमारी के दौरान राज्य के बड़े अधिकारियों को हिरासत में ले लिया है। [पंजाब राज्य बनाम भारत संघ और अन्य]

जस्टिस संजय वशिष्ठ ने रात 10 बजे पंजाब सरकार की ओर से दायर 'हेबियस कॉर्पस' (बंदी प्रत्यक्षीकरण) याचिका पर सुनवाई की। यह याचिका IAS अधिकारी विकास गर्ग और संदीप रेशी, तथा GMADA के कई सीनियर अधिकारियों को कथित तौर पर गैर-कानूनी तरीके से हिरासत में रखे जाने के खिलाफ दायर की गई थी।

राज्य सरकार का आरोप था कि पिछले दो दिनों से छापेमारी चल रही थी और अधिकारियों को 22 सितंबर से घर जाने की इजाजत नहीं दी गई थी। ED मनी लॉन्ड्रिंग की जांच के सिलसिले में GMADA ऑफिस में छापेमारी कर रही है।

सुनवाई के बाद, कोर्ट ने अपनी रजिस्ट्री को एक वारंट ऑफिसर नियुक्त करने का निर्देश दिया। इस ऑफिसर को GMADA परिसर और हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी विकास गर्ग के ऑफिस का दौरा करना था।

वारंट ऑफिसर को पूरी स्थिति की जांच करने का निर्देश दिया गया, जिसमें यह देखना भी शामिल था कि क्या GMADA के अधिकारियों या खुद संस्था के खिलाफ कोई 'प्रेडिकेट ऑफेंस' (मूल अपराध) दर्ज है या नहीं।

कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अगर परिसर में कोई महिला अधिकारी हिरासत में पाई जाती है, तो उसे रिहा किया जाए, बशर्ते ऐसा करना उचित हो। वारंट ऑफिसर को आज दोपहर 2 बजे तक रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।

चंडीगढ़ पुलिस को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया।

कोर्ट का आदेश रात 10:42 बजे जारी किया गया। सूत्रों के मुताबिक, वारंट ऑफिसर रात 2:50 बजे GMADA परिसर में दाखिल हुए और सुबह 5:45 बजे वहां से बाहर निकले।

सीनियर एडवोकेट विक्रम चौधरी और एडिशनल एडवोकेट जनरल फेरी सोफत ने पंजाब राज्य का पक्ष रखा।

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P&H High Court holds late-night hearing via WhatsApp after Punjab claims ED detained top bureaucrats