पंजाब की लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में हाल ही में हुई हिंसा के संबंध में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है।
मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की बेंच के सामने इस याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए बात रखी गई।
अदालत बुधवार को मामले की सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई।
सीनियर एडवोकेट गौरव चोपड़ा ने एडवोकेट अर्जुन श्योराण के साथ मिलकर मामले की तत्काल सुनवाई के लिए अनुरोध किया।
चोपड़ा ने कोर्ट को बताया कि यूनिवर्सिटी में दंगे, आगजनी और लूटपाट हुई थी।
LPU के एक छात्र की ओर से दायर PIL में हिंसा की जांच सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (CBI) से कराने का निर्देश देने की मांग की गई है।
रविवार को LPU कैंपस में एक छात्रा के साथ कथित रेप की खबर के बाद छात्रों ने भारी हिंसा की। पुलिस ने आरोपों की जांच के लिए आपराधिक मामला तो दर्ज कर लिया है, लेकिन अभी तक यह पक्के तौर पर साबित नहीं हो पाया है कि ऐसी कोई घटना हुई भी थी या नहीं।
कैंपस में भारी तोड़-फोड़ और कई दुकानों में लूटपाट के बाद, 28 सितंबर को LPU में क्लास और दूसरी एकेडमिक गतिविधियां 10 दिनों के लिए रोक दी गईं।
LPU के फाउंडर अशोक मित्तल सांसद (MP) हैं। वे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के सदस्य थे और हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल हुए हैं।
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