पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के लिए वोट काउंटिंग सुपरवाइज़र के तौर पर सिर्फ़ केंद्र सरकार के कर्मचारियों को तैनात करने के फ़ैसले को चुनौती देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है।
पश्चिम बंगाल में बुधवार को खत्म हुए विधानसभा चुनावों में आज़ादी के बाद अब तक का सबसे ज़्यादा वोटिंग हुई।
इलेक्शन कमीशन ऑफ़ इंडिया (ECI) के मुताबिक, दोनों फेज़ में कुल 92.47 परसेंट वोटिंग हुई। वोटों की गिनती 4 मई को होगी।
ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस की तरफ से सीनियर एडवोकेट कल्याण बंदोपाध्याय ने आज जस्टिस कृष्ण राव के सामने वोटों की गिनती से जुड़ी एक अर्ज़ी को अर्जेंट लिस्ट करने की मांग की।
बंदोपाध्याय ने कहा, "[इसने आदेश दिया है] कि काउंटिंग सुपरवाइज़र भी केंद्र सरकार और PSU से होंगे। सबसे पहले, चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है। ऐसा किसी भी राज्य में नहीं किया गया है। सिर्फ़ इसी राज्य में। सरकार का मतलब है... आर्टिकल 12 के साथ पढ़ें। यहां सही सरकार राज्य सरकार है।"
बंदोपाध्याय ने आगे कहा कि सर्कुलर बहुत पहले जारी किया गया था लेकिन बुधवार को ही सर्कुलेट किया गया।
कोर्ट ने मामले को दोपहर 2 PM बजे लिस्ट करने की इजाज़त दी।
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