Delhi High Court  
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सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना: दिल्ली हाईकोर्ट में PIL दाखिल कर DU के सभी कॉलेजों में हॉस्टल सुविधा की मांग की गई

चीफ़ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया।

Bar & Bench

दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार को एक जनहित याचिका (PIL) पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया। इस याचिका में दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) को यह सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई थी कि DU से जुड़े हर कॉलेज में छात्रों के लिए हॉस्टल की सुविधा हो।

वकील विमल त्यागी, चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की डिवीज़न बेंच के सामने पेश हुए और आज ही इस मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग की।

चीफ जस्टिस उपाध्याय ने कहा कि आज ऐसे कोई अंतरिम निर्देश जारी नहीं किए जा सकते। कोर्ट ने यह भी कहा कि कल ही एक PIL पर सुनवाई हो चुकी है।

त्यागी ने बेंच को बताया कि उनकी मांगें उस PIL से अलग हैं जिस पर पहले ही सुनवाई हो चुकी है।

हालांकि, कोर्ट ने वकील से PIL दाखिल करने को कहा और बताया कि वह अपने आप लिस्ट हो जाएगी।

कोर्ट ने कहा, "कल बुधवार है [दिल्ली HC में PIL का दिन]। अपनी याचिका दाखिल करें, उस पर कल सुनवाई होगी। आप बेवजह अपना समय बर्बाद कर रहे हैं। क्या अंतरिम निर्देश के तौर पर ऐसा कोई निर्देश जारी किया जा सकता है?"

Chief Justice Devendra Kumar Upadhyaya and Justice Tejas Karia

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Satya Niketan building collapse: PIL in Delhi HC seeks hostel facilities in all DU colleges