Rahul Gandhi, VD Savarkar  
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सत्यकी सावरकर का आरोप है कि राहुल गांधी से जिरह निगरानी के बराबर है और इससे ट्रायल लंबा खिंच रहा है

यह चेतावनी देते हुए कि मुक़दमा 'बहुत लंबे समय तक चलेगा', सावरकर ने पुणे कोर्ट से गांधी से जिरह (cross-examination) पर रोक लगाने का आग्रह किया।Rahul Gandhi

Bar & Bench

VD सावरकर के पोते (भाई के पोते) सत्यकी सावरकर ने पुणे की स्पेशल MP/MLA कोर्ट में एक आपत्ति अर्ज़ी (ऑब्जेक्शन पुरसिस) दायर की है। इसमें आरोप लगाया गया है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी की बचाव पक्ष की टीम मानहानि के मुक़दमे को लंबा खींचने के लिए क्रॉस-एग्जामिनेशन के दौरान "रोविंग और फिशिंग इंक्वायरी" (बिना किसी ठोस आधार के इधर-उधर की पूछताछ) कर रही है। [सत्यकी सावरकर बनाम राहुल गांधी]

14 अक्टूबर को दायर अर्ज़ी में सावरकर ने कहा कि उनसे जिरह (cross-examination) "दस (10) महीने से ज़्यादा के अनुचित समय" तक चली है, जबकि बचाव पक्ष ने इसके लिए कोई निश्चित समय-सीमा नहीं बताई है।

उन्होंने तर्क दिया कि उनकी दिनचर्या, पब्लिशिंग बिज़नेस और सार्वजनिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने के बारे में लगातार पूछे जा रहे सवाल उनके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करते हैं और इससे उन पर नज़र रखे जाने का डर पैदा होता है।

अर्ज़ी में कहा गया, "शिकायतकर्ता की गतिविधियों और सार्वजनिक उपस्थिति के बारे में पूछताछ से निगरानी का एक दमनकारी माहौल बनता है, जो सीधे तौर पर उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और निजता के अधिकार में बाधा डालता है।"

सावरकर ने बताया कि उन्होंने अपने मामले को पूरी तरह से संबंधित तथ्यों तक ही सीमित रखा है और "कभी भी आरोपी की व्यक्तिगत गतिविधियों, विदेश यात्राओं या निजी कामों के बारे में जानने की कोशिश नहीं की।"

उन्होंने अदालत से गैर-ज़रूरी पूछताछ पर रोक लगाने का आग्रह किया और तर्क दिया कि बचाव पक्ष केवल "मुकदमे का राजनीतिकरण करने और अदालत का कीमती समय बर्बाद करने के लिए" गैर-संबंधित राजनीतिक और सांस्कृतिक संगठनों को इसमें घसीट रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो "कार्रवाई सालों-साल चलती रहेगी और कभी खत्म नहीं होगी।"

यह दूसरी बार है जब सावरकर ने कार्यवाही को नियंत्रित करने के लिए अदालत से दखल की मांग की है। 30 जुलाई को, उन्होंने जिरह के लिए एक सख्त समय-सीमा और उस पर बेहतर नियंत्रण की मांग करते हुए एक अर्ज़ी दायर की थी। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास अमोल शिंदे ने 4 अगस्त को गांधी से जवाब मांगने के लिए नोटिस जारी किया था, जिस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

आपराधिक मानहानि की यह शिकायत मार्च 2023 में यूनाइटेड किंगडम में एक सभा के दौरान गांधी द्वारा की गई टिप्पणियों से जुड़ी है। गांधी ने कथित तौर पर दावा किया था कि सावरकर ने अपनी यादों (memoirs) में एक ऐसी घटना के बारे में लिखा है जिसमें उन्होंने और अन्य लोगों ने एक मुस्लिम व्यक्ति के साथ मारपीट की थी और इस काम से उन्हें खुशी मिली थी।

सत्याकी सावरकर ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 500 के तहत आपराधिक मानहानि की कार्यवाही शुरू की और दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 357 के तहत मुआवज़े की मांग की। उन्होंने दावा किया कि वीडी सावरकर की प्रकाशित रचनाओं में ऐसी कोई घटना नहीं है और गांधी पर इतिहास को गलत तरीके से पेश करने का आरोप लगाया।

इस मामले की सुनवाई 28 अक्टूबर को जारी रहेगी।

सत्याकी सावरकर की ओर से वकील संग्राम कोल्हटकर पेश हुए।

राहुल गांधी की ओर से वकील मिलिंद पवार पेश हुए।

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Satyaki Savarkar alleges Rahul Gandhi’s cross-examination amounting to surveillance, prolonging trial