Supreme Court, Delhi and Haryana  
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सुप्रीम कोर्ट ने गर्मी के बीच दिल्ली की अधिक पानी की मांग को पूरा करने के लिए हितधारकों की बैठक बुलाई

Bar & Bench

सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को केंद्र सरकार को आदेश दिया कि वह हरियाणा के माध्यम से हिमाचल प्रदेश से अतिरिक्त पानी की आपूर्ति की दिल्ली सरकार की मांग पर विचार करने के लिए हितधारकों की बैठक आयोजित करे। [दिल्ली सरकार बनाम हरियाणा राज्य और अन्य]

न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति केवी विश्वनाथन की अवकाश पीठ ने दिल्ली सरकार की उस याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किया, जिसमें हरियाणा राज्य को हिमाचल प्रदेश से राष्ट्रीय राजधानी को पानी की आपूर्ति की सुविधा प्रदान करने के निर्देश देने की मांग की गई थी।

सुनवाई की शुरुआत में न्यायालय ने सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता से पूछा, "सभी हितधारकों की संयुक्त बैठक क्यों नहीं हो सकती?"

एसजी मेहता ने कहा कि इस मुद्दे पर पहले से ही ऊपरी यमुना नदी बोर्ड द्वारा विचार किया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में पानी की कथित बर्बादी की ओर भी इशारा किया।

उन्होंने कहा, "दिल्ली सरकार को रिसाव पर लगाम लगानी होगी। टैंकर माफिया और सभी माई लॉर्ड्स की वजह से पानी की हानि 52% से अधिक है।"

Justice Prashant Kumar Mishra and Justice KV Viswanathan

दिल्ली सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि दिल्ली में भीषण गर्मी पड़ रही है और वजीराबाद संयंत्र में जल स्तर को बनाए रखा जाना चाहिए।

इस स्तर पर, न्यायालय ने फिर से केंद्र से हितधारकों की बैठक आयोजित करने का आग्रह किया। एसजी मेहता ने तब कहा कि बैठक 5 जून को होगी।

इस बीच, हिमाचल प्रदेश के वकील ने कहा कि राज्य अपने नहर नेटवर्क के माध्यम से दिल्ली को पानी उपलब्ध कराने के लिए तैयार है।

अब मामले की सुनवाई 6 जून को होगी।

दिल्ली सरकार ने चल रही गर्मी के दौरान आपातकालीन उपाय के रूप में अतिरिक्त पानी की मांग की।

यह बताया गया राष्ट्रीय राजधानी वर्तमान में 50 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के साथ भीषण गर्मी से जूझ रही है। यह पानी की भारी कमी के साथ जुड़ा हुआ है।

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Supreme Court calls for stakeholders meet to address Delhi's demand for more water amid heatwave