

बुधवार को दिल्ली हाई कोर्ट को बताया गया कि पत्रकार अंजना ओम कश्यप और लोकप्रिय शिक्षक फैसल खान (जिन्हें 'खान सर' के नाम से जाना जाता है) ने न्यूज़ एंकर के खिलाफ की गई कथित मानहानिपूर्ण टिप्पणियों को लेकर अपना विवाद सुलझा लिया है।
जस्टिस तुषार राव गेडेला ने पहले ही दोनों पक्षों को मध्यस्थता (mediation) के लिए भेज दिया था और सीनियर एडवोकेट राजशेखर राव को मध्यस्थ नियुक्त किया था। आज कोर्ट ने इस मामले में समझौता कराने के लिए राव की तारीफ की।
जस्टिस गेडेला ने कहा, "आपने ऐसा काम किया है जो लगभग असंभव था। जैसा कि मैंने पहले कहा था, ऐसे मामलों को कोर्ट तक नहीं आना चाहिए।"
अन्य प्रतिवादी जिन्होंने इस विवाद को सुलझा लिया है, उनमें शिक्षिका बबीता त्यागी और शिक्षक अरविंद भदौरिया, तथा तीन 'X' (ट्विटर) यूज़र्स - मनीष_यादव234, सैमखासा और अभिमन्यु1305 शामिल हैं।
हालाँकि, कोर्ट को बताया गया कि '4 PM न्यूज़' के साथ बातचीत अब तक विफल रही है। जस्टिस गेडेला ने '4 PM न्यूज़' से मामले को सुलझाने पर विचार करने को कहा और मध्यस्थता (mediation) का एक और दौर चलाने का निर्देश दिया। कोर्ट को यह भी बताया गया कि शिक्षक अभिनय शर्मा के साथ समझौता अभी लंबित है।
जून में कश्यप और TV टुडे नेटवर्क द्वारा दायर मानहानि के मुकदमे में, खान और कई अन्य लोगों पर मानहानिपूर्ण टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। यह मामला तब शुरू हुआ जब कश्यप ने "स्टार शिक्षकों" के बढ़ते प्रभाव की आलोचना की थी।
इस मुकदमे में खान के अलावा अभिनय शर्मा, बबीता त्यागी और अरविंद भदौरिया जैसे शिक्षकों को भी प्रतिवादी (defendants) बनाया गया है। कश्यप और TV टुडे ने कुछ 'X' (ट्विटर) हैंडल और '4 PM न्यूज़ नेटवर्क' के खिलाफ भी मुकदमा दायर किया है।
मुकदमे के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब 29 मई, 2026 को कश्यप ने 'आज तक' पर एक डिबेट आयोजित की। इस दौरान उन्होंने ऑनलाइन "स्टार शिक्षकों" के बढ़ते प्रभाव और शिक्षा के व्यावसायीकरण पर टिप्पणी की थी। उनका तर्क है कि ये टिप्पणियाँ राष्ट्रीय महत्व के विषय पर सार्वजनिक चर्चा के दौरान की गई थीं और ये एक निष्पक्ष पत्रकारिता टिप्पणी का हिस्सा थीं।
कश्यप का आरोप है कि प्रसारण के तुरंत बाद, सोशल मीडिया पर बड़ी फॉलोइंग रखने वाले कई प्रतिवादियों ने 30 मई से 4 जून के बीच उन्हें और नेटवर्क को निशाना बनाते हुए एक अभियान चलाया।
मुकदमे के अनुसार, विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित वीडियो, पोस्ट और प्रसारणों में कश्यप और 'आज तक' के लिए "बिकाऊ पत्रकार", "चाटुकार" और "दल्ली" जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही, उन पर "दलाली" करने और "फेक न्यूज़ की दुकान" चलाने का आरोप लगाया गया।
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Anjana Om Kashyap and Khan Sir settle defamation suit before Delhi High Court