
Nawab Malik and Mumbai sessions court
मुंबई की एक अदालत ने गुरुवार को महाराष्ट्र के कैबिनेट मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के नेता नवाब मलिक के खिलाफ दर्ज धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत 7 मार्च 2022 तक बढ़ा दी।
विशेष न्यायाधीश आरएन रोकाडे ने यह आदेश इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए पारित किया था कि मलिक से पूछताछ के लिए तीन से चार दिन पहले की रिमांड अवधि के दौरान जांच एजेंसी के पास उपलब्ध नहीं थी क्योंकि उसे अस्पताल ले जाना पड़ा था।
अदालत ने कहा, "इस तथ्य के मद्देनजर कि आरोपी अस्पताल में था और जांच एजेंसी बयान दर्ज नहीं कर सकी, रिमांड बढ़ाया जाता है।"
ईडी की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल (एएसजी) अनिल सिंह ने प्रस्तुत किया था कि मलिक की 8 दिन की हिरासत में से, जो ईडी को दी गई थी, 3 से 4 दिन खो गए क्योंकि मलिक को अस्पताल ले जाना पड़ा।
उन्होने कहा, "आरोपी ने कुछ मेडिकल समस्या की शिकायत की। उसे मेडिकल जांच के लिए जेजे अस्पताल के अस्पताल ले जाया गया। उसे भर्ती करने के लिए कहा गया....बाहर तो 8 दिन में 3-4 दिन मेडिकल कस्टडी में चले गए। जाहिर तौर पर मेडिकल इमरजेंसी को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।"
सिंह ने दलील दी कि और भी बयान रिकार्ड में आए हैं और मलिक से और पूछताछ की जरूरत होगी।
इस संबंध में, सिंह ने इस बात पर प्रकाश डाला कि मुंबई के कुर्ला में गोवावाला भवन से संबंधित लेनदेन के बारे में अधिक जानने के लिए रिमांड की मांग की जा रही थी।
एएसजी ने गोवावाला बिल्डिंग के पास एक जमीन के मालिक के दर्ज किए गए अतिरिक्त बयानों का हवाला दिया, जिसमें दावा किया गया था कि मलिक ने अंडरवर्ल्ड के दबदबे का इस्तेमाल करते हुए उसकी जमीन को बुरी तरह से हड़प लिया।
और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिये गए लिंक पर क्लिक करें
[BREAKING] ED custody of Nawab Malik extended till March 7 by Mumbai court