Electoral Bonds, SBI and Supreme Court
Electoral Bonds, SBI and Supreme Court

एसबीआई चेयरमैन ने सुप्रीम कोर्ट से कहा: चुनावी बांड पर डेटा चुनाव आयोग को भेजा गया

शीर्ष अदालत ने सोमवार को चुनावी बांड के विवरण प्रस्तुत करने के लिए शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित समय सीमा बढ़ाने के लिए SBI की याचिका खारिज कर दी और 12 मार्च तक अपने निर्देशो का अनुपालन की मांग की थी

भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन दिनेश कुमार खारा ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को सूचित किया कि बैंक ने भारत के चुनाव आयोग को चुनावी बॉन्ड से संबंधित जानकारी प्रस्तुत करने के लिए अदालत के निर्देश का पालन किया है। 

भारत के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति संजीव खन्ना, बीआर गवई, जेबी पारदीवाला और न्यायमूर्ति मनोज मिश्रा की पांच-न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने 11 मार्च को चुनावी बांड का विवरण प्रस्तुत करने के लिए शीर्ष अदालत द्वारा निर्धारित समय सीमा बढ़ाने के लिए एसबीआई की याचिका खारिज कर दी थी।

न्यायालय ने चेतावनी दी थी कि यदि 15 मार्च को अनुपालन नहीं होता है तो एसबीआई के निर्देशों की 'जानबूझकर अवज्ञा' करने पर उसके खिलाफ अदालत की अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।

इसके अलावा अध्यक्ष से अनुपालन हलफनामा देने की मांग की गई थी। 

एसबीआई ने कल चुनाव आयोग को यह सूचना दी थी जिसके बाद अध्यक्ष ने आज एक अनुपालन हलफनामा प्रस्तुत किया जिसमें निम्नलिखित बातें बताई गईं:

SBI Chairman compliance affidavit to Supreme Court
SBI Chairman compliance affidavit to Supreme Court

ईसीआई को दी गई जानकारी में प्रत्येक चुनावी बॉन्ड की खरीद की तारीख, खरीदार का नाम और खरीदे गए बॉन्ड का मूल्यवर्ग शामिल है।

इसके अतिरिक्त, इसमें चुनावी बॉन्ड के नकदीकरण की तारीख, योगदान प्राप्त करने वाले राजनीतिक दलों के नाम और उन बॉन्डों के मूल्यवर्ग से संबंधित जानकारी भी शामिल है। 

एक अप्रैल, 2019 से 15 फरवरी, 2024 के बीच कुल 22,217 बॉन्ड खरीदे गए. इनमें से कुल 22,030 बॉन्ड भुनाए गए.

पृष्ठभूमि

15 फरवरी को दिए गए एक फैसले में, संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से चुनावी बांड योजना को रद्द कर दिया था और एसबीआई को निर्देश दिया था कि वह 12 अप्रैल, 2019 से चुनावी बॉन्ड के माध्यम से योगदान प्राप्त करने वाले राजनीतिक दलों का विवरण ईसीआई को प्रस्तुत करे।

उस फैसले में कोर्ट ने आदेश दिया था कि राजनीतिक दलों द्वारा भुनाए गए प्रत्येक चुनावी बॉन्ड का विवरण एसबीआई द्वारा 6 मार्च तक ईसीआई को प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

निम्नलिखित विवरण थे जो एसबीआई को प्रस्तुत करने की आवश्यकता थी:

- खरीदे गए प्रत्येक चुनावी बांड का विवरण;

- खरीदार का नाम;

- चुनावी बांड का मूल्यवर्ग; और

- राजनीतिक दलों द्वारा भुनाए गए प्रत्येक चुनावी बॉन्ड का विवरण, जिसमें नकदीकरण की तारीख भी शामिल है।

ईसीआई को एसबीआई से यह जानकारी प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर यह जानकारी प्रकाशित करनी थी।

हालांकि, एसबीआई ने तब शीर्ष अदालत के समक्ष निर्देशों का पालन करने के लिए 30 जून तक समय सीमा बढ़ाने के लिए एक आवेदन दायर किया।

सुप्रीम कोर्ट ने 11 मार्च को आवेदन खारिज कर दिया और निर्देश दिया कि विवरण 15 मार्च को शाम 5.30 बजे तक ईसीआई को सौंप दिया जाए।

और अधिक पढ़ने के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें


Data on Electoral Bonds furnished to Election Commission: SBI Chairman to Supreme Court

Related Stories

No stories found.
Hindi Bar & Bench
hindi.barandbench.com