दिल्ली की अदालत ने 2021 के मामले में पूर्व जेएनयूएसयू अध्यक्ष आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट पर रोक लगा दी

घोष के खिलाफ 2021 के एक मामले में 12 दिसंबर, 2024 और 11 अप्रैल, 2026 को गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी किए गए थे।
Aishe Ghosh
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दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को JNUSU की पूर्व अध्यक्ष और CPI(M) नेता आइशी घोष के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट (NBW) पर रोक लगा दी।

पटियाला हाउस कोर्ट की ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMFC) विजयश्री राठौर ने यह आदेश दिया।

साल 2021 के एक मामले में 12 दिसंबर, 2024 और 11 अप्रैल, 2026 को NBW (गैर-जमानती वारंट) जारी किए गए थे।

दिल्ली के बंगा भवन में हुए विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामले की कोर्ट की कार्यवाही में शामिल न होने पर ये वारंट जारी किए गए थे।

उन पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 188, 34 और 447 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

खास बात यह है कि 28 जुलाई को कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) ने आरोप लगाया था कि दिल्ली पुलिस ने इस मामले में घोष को गिरफ्तार करने के लिए जबरन उनके मुख्यालय में प्रवेश किया था।

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Delhi court stays non-bailable warrants against ex-JNUSU President Aishe Ghosh in 2021 case

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