

दिल्ली की एक अदालत ने शनिवार को दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को दंगे भड़काने में मदद करने का दोषी ठहराया।
कड़कड़डूमा कोर्ट के एडिशनल सेशन जज प्रवीण सिंह ने हुसैन को बाकी सभी आरोपों से बरी कर दिया।
कोर्ट ने सह-आरोपी मोहम्मद शादाब, शाह आलम, रियासत अली, गुलफाम, मोहम्मद रिहान, अरशद कय्यूम और इरशाद अहमद को भी सभी आरोपों से बरी कर दिया।
विस्तृत आदेश का इंतज़ार है।
इस मामले में दयालपुर पुलिस स्टेशन में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं 147, 148, 149, 427, 436 और 120B के तहत FIR दर्ज की गई थी।
इरशाद अली नाम के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 24 फरवरी 2020 को उसकी दुकान लूट ली गई और उसमें आग लगा दी गई, जिससे सामान की चोरी में ₹17-18 लाख और संपत्ति के नुकसान में ₹10 लाख का नुकसान हुआ। एक और शिकायतकर्ता, मोहम्मद ज़ाहिद ने कहा कि दंगाइयों ने ताहिर हुसैन के समर्थन में नारे लगाए; जांच के दौरान दो कांस्टेबलों ने ताहिर हुसैन की पहचान की थी।
राज्य की ओर से स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) मधुकर पांडे पेश हुए।
ताहिर हुसैन का पक्ष वकील राजीव मोहन ने रखा।
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