

दिल्ली हाईकोर्ट ने हाल ही में एक मुक़दमेबाज़ के वकील को निर्देश दिया कि वे दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) के कर्मचारियों को चाय और समोसा खिलाएं; यह निर्देश कोर्ट द्वारा पहले लगाए गए खर्च (कॉस्ट) को हटाने की शर्त के तौर पर दिया गया था।
17 सितंबर को जारी एक आदेश में, जस्टिस सौरभ बनर्जी ने याचिकाकर्ता के वकीलों को निर्देश दिया कि वे एक हफ़्ते के अंदर इस निर्देश का पालन करें।
"मौजूदा अर्ज़ी का निपटारा किया जाता है, हालाँकि, याचिकाकर्ताओं के वकील से कहा गया है कि वे एक हफ़्ते के अंदर दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन (DHCBA) के सभी कर्मचारियों को समोसे और चाय खिलाएँ।"
यह मामला याचिकाकर्ता कंपनी 'इंडस बिर्रा बेवरेजेज़' और उसके अधिकारियों के खिलाफ़ चेक बाउंस होने के मामले से जुड़ा था।
कंपनी 'नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट' के तहत दर्ज आपराधिक शिकायत को रद्द करने की मांग कर रही थी।
20 अगस्त को कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी थी और ट्रायल कोर्ट के आदेश की पूरी जानकारी न देने के लिए याचिकाकर्ताओं पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया था।
इसके बाद उन्होंने जुर्माना माफ़ करने के लिए एक अर्ज़ी दाखिल की।
कोर्ट ने 17 सितंबर को इस अर्ज़ी को मंज़ूरी दे दी, लेकिन इसके लिए शर्त रखी कि वकील DHCBA कर्मचारियों को चाय और समोसे खिलाएंगे।
याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट बहार-उ-बरकी और उनके साथ वकील राहुल पाल और शुभम प्रसाद पेश हुए।
प्रतिवादी की ओर से एडवोकेट माथुर अरोड़ा पेश हुए।
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