Excise Policy: फ्लोर टेस्ट,बजट सत्र का हवाला देते हुए केजरीवाल VC के जरिए दिल्ली कोर्ट मे पेश हुए; अदालत ने मामला स्थगित किया

मुख्यमंत्री आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए और आश्वासन दिया कि वह दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होने के बाद मार्च में अदालत में पेश होंगे।
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दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को दिल्ली के राउज एवेन्यू कोर्ट को बताया कि वह दिल्ली आबकारी नीति मामले में केंद्रीय एजेंसी के समन का पालन नहीं करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा उनके खिलाफ दायर मामले में 16 मार्च को अदालत में व्यक्तिगत रूप से पेश होंगे।

केजरीवाल आज वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए अदालत की कार्यवाही में शामिल हुए और आश्वासन दिया कि दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र समाप्त होने के बाद मार्च में वह अदालत में पेश होंगे।

उन्होंने कहा कि वह आज उपस्थित नहीं हो सके क्योंकि बजट सत्र चल रहा है और आज भी शक्ति परीक्षण निर्धारित है।

उन्होने कहा, "मैं कोर्ट आना चाहता था लेकिन ये एक दम से फ्लोर टेस्ट आ गया। हमारा बजट सत्र मार्च के पहले हफ्ते तक चलेगा आप उसके बाद केस लगा ले। मैं उपस्थित हो जाऊंगा"

अतिरिक्त मुख्य मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट (एसीएमएम) दिव्या मल्होत्रा ने मामले की सुनवाई 16 मार्च तक के लिए स्थगित कर दी।

केजरीवाल को अदालत ने सात फरवरी को तलब किया था। यह मानते हुए कि मुख्यमंत्री ईडी के समन का पालन करने के लिए प्रथम दृष्टया कानूनी रूप से बाध्य थे, न्यायाधीश ने उन्हें आज अदालत में पेश होने का आदेश दिया था।

केजरीवाल को अलग-अलग तारीखों पर पांच समन जारी किए जाने के बावजूद केंद्रीय एजेंसी के समक्ष पेश नहीं होने पर ईडी ने उनके खिलाफ आपराधिक शिकायत दर्ज की।

मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में ईडी की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा 17 अगस्त, 2022 को 2021-22 के लिए दिल्ली आबकारी नीति में कथित अनियमितताओं के संबंध में दर्ज एक मामले से उपजी है। 

20 जुलाई, 2022 को उपराज्यपाल वीके सक्सेना द्वारा की गई शिकायत पर सीबीआई का मामला दर्ज किया गया था। 

आरोप है कि नीति तैयार होने के चरण के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया और अन्य अज्ञात निजी व्यक्तियों/संस्थाओं सहित आप नेताओं ने आपराधिक साजिश रची।

यह साजिश कथित तौर पर निविदा प्रक्रिया के बाद कुछ लाइसेंसधारियों और साजिशकर्ताओं को लाभ पहुंचाने के लिए नीति में 'जानबूझकर' छोड़ी गई या बनाई गई कुछ खामियों से उपजी है।

केंद्रीय एजेंसियों के मुताबिक दक्षिण भारत के शराब कारोबार में कुछ लोगों द्वारा आप के कुछ जनसेवकों को हवाला चैनलों के जरिए रिश्वत दी गई ताकि शराब निर्माताओं, थोक विक्रेताओं और खुदरा विक्रेताओं के बीच 'एकाधिकार और गुटबंदी' के उद्देश्यों को पूरा किया जा सके।

इस घोटाले में आम आदमी पार्टी के तीन नेता सत्येंद्र जैन, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह भी आरोपी हैं।

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Excise Policy case: Arvind Kejriwal appears via VC before Delhi court citing floor test, budget session; court adjourns case

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