JK हाईकोर्ट ने क्लर्कों, जजो को चेतावनी दी कि यदि वादी अवैध रूप से अदालत फाइलो तक पहुंचते हैं तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी

कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में पिटीशन में कोर्ट के रिकॉर्ड की अनसर्टिफाइड फोटोकॉपी होंगी, तो संबंधित क्लर्क और पीठासीन अधिकारियों/जजों दोनों से जवाब मांगा जा सकता है।
Srinagar Bench, Jammu & Kashmir and Ladakh High Court
Srinagar Bench, Jammu & Kashmir and Ladakh High Court
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जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट ने इस बात पर गंभीर चिंता जताई है कि केस करने वाले लोग सर्टिफाइड कॉपी लेने के बजाय सीधे कोर्ट के रिकॉर्ड से केस के डॉक्यूमेंट्स की फोटोस्टेट कॉपी बना लेते हैं [फ़याज़ अहमद शेख बनाम क़मर उन निसा]।

जस्टिस राहुल भारती ने कहा कि कोर्ट को सिविल और क्रिमिनल, दोनों तरह के मामलों में ऐसे तरीके देखने को मिल रहे हैं, जहाँ पिटीशन के साथ अटैच किए गए एनेक्सर, तय कानूनी प्रक्रिया से मिली सर्टिफाइड कॉपी के बजाय, ट्रायल कोर्ट की फ़ाइल की फोटोकॉपी होते हैं।

कोर्ट ने कहा, “इस कोर्ट को सिविल और क्रिमिनल, दोनों तरह के मामलों की कार्रवाई से जुड़ी पिटीशन देखने को मिल रही हैं, जिनमें पिटीशन के साथ आए एनेक्सर अनसर्टिफाइड कॉपी होते हैं, लेकिन कोर्ट के रिकॉर्ड से ही फोटोस्टेट फॉर्म में लिए जाते हैं, जिसका मतलब है कि किसी कोर्ट का संबंधित क्लर्क केस करने वाले को कोर्ट फ़ाइल के डॉक्यूमेंट को फोटोस्टेट फॉर्म में लेने और उसे इस कोर्ट के सामने एनेक्सर के तौर पर रखने की इजाज़त दे रहा है।”

कोर्ट ने आगे कहा कि इस तरह का तरीका इस बात की ओर इशारा करता है कि केस डॉक्यूमेंट सही तरीके से नहीं खरीदा गया है।

Justice Rahul Bharti
Justice Rahul Bharti

इस मामले पर ध्यान देते हुए, कोर्ट ने हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल से कहा कि वे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेशों की सभी अदालतों के सभी पीठासीन अधिकारियों (जजों) को ऐसे कामों को रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी करें।

कोर्ट ने चेतावनी दी कि अगर भविष्य में याचिकाओं में कोर्ट के रिकॉर्ड से मिली बिना सर्टिफाइड फोटोकॉपी होंगी, तो संबंधित क्लर्क और संबंधित अदालतों के पीठासीन अधिकारियों दोनों से जवाब मांगा जा सकता है।

कोर्ट के 13 फरवरी के आदेश में कहा गया, "जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हाईकोर्ट के विद्वान रजिस्ट्रार जनरल, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश की सभी अदालतों के पीठासीन अधिकारियों को ज़रूरी सख्त निर्देश/डायरेक्शन दें कि अगर भविष्य में इस कोर्ट को इस कोर्ट के सामने दायर किसी याचिका के संबंध में पेश किया गया ऐसा कोई डॉक्यूमेंट मिलता है, तो पीठासीन अधिकारी/अधिकारियों के साथ-साथ संबंधित क्लर्क/क्लर्कों से भी बराबर जवाब मांगा जाएगा।"

याचिकाकर्ता की ओर से वकील साकिब शब्बीर पेश हुए।

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J&K High Court warns clerks, judges of action if litigants illegally access court files

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