

जस्टिस सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी ने शुक्रवार को मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर शपथ ली। तमिलनाडु के गवर्नर RN रवि ने चेन्नई के राजभवन में हुए एक समारोह में उन्हें पद की शपथ दिलाई।
जस्टिस धर्माधिकारी, जस्टिस मनिंद्र मोहन श्रीवास्तव की जगह लेंगे, जो 5 मार्च को चीफ जस्टिस के पद से रिटायर हुए थे।
अपनी पदोन्नति से पहले, जस्टिस धर्माधिकारी केरल हाईकोर्ट में जज के तौर पर काम कर रहे थे। उनका पैरेंट हाईकोर्ट मध्य प्रदेश हाईकोर्ट है।
केंद्र सरकार ने इस हफ़्ते की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की 26 फरवरी को हुई मीटिंग में की गई सिफारिश के बाद उनके अपॉइंटमेंट को मंज़ूरी दी थी।
8 जुलाई, 1966 को रायपुर में जन्मे जस्टिस धर्माधिकारी ने 1992 में वकील के तौर पर एनरोल किया और दो दशक से ज़्यादा समय तक मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में प्रैक्टिस की। उनकी प्रैक्टिस में सिविल, क्रिमिनल और कॉन्स्टिट्यूशनल मामले शामिल थे।
बार में अपने समय के दौरान, उन्होंने 2000 से 2015 तक यूनियन ऑफ़ इंडिया के लिए स्टैंडिंग काउंसिल के तौर पर काम किया। उन्होंने सीनियर स्टैंडिंग काउंसिल के तौर पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट, रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया और सेंट्रल एक्साइज़ डिपार्टमेंट सहित कई सरकारी संस्थाओं और पब्लिक सेक्टर इंस्टीट्यूशन को भी रिप्रेजेंट किया।
जस्टिस धर्माधिकारी को 7 अप्रैल, 2016 को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का एडिशनल जज अपॉइंट किया गया था और 17 मार्च, 2018 को परमानेंट जज के तौर पर कन्फर्म किया गया था।
उन्हें 23 अप्रैल, 2025 को केरल हाईकोर्ट में ट्रांसफर कर दिया गया, जहाँ उन्होंने मद्रास हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के तौर पर अपॉइंटमेंट तक काम किया।
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Justice SA Dharmadhikari sworn in as Chief Justice of Madras High Court