कपिल सिब्बल ने सांसदो/विधायको के दलबदल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया, कहा- दसवीं अनुसूची को निष्प्रभावी बनाया जा रहा है

इस मामले पर आज सुबह चर्चा हुई।
Seniour Advocate Kapil Sibal
Seniour Advocate Kapil Sibal
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सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में एक पिटीशन दी है जिसमें चिंता जताई गई है कि पॉलिटिकल दल-बदल के खिलाफ कानून बेअसर हो रहा है।

आज सुबह यह मामला चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और वी मोहना की बेंच के सामने मेंशन किया गया।

सिब्बल ने कहा, "इस देश में क्या हो रहा है? अगर यह चलता रहा, तो (भारत के संविधान का) 10वां शेड्यूल (मूट) हो जाएगा...एक और याचिका लिस्टेड है (UBT सेना)।

CJI ने जवाब दिया, "हम इसे लिस्ट करेंगे।"

Chief Justice of India Surya Kant and Justices Joymalya Bagchi and V Mohana
Chief Justice of India Surya Kant and Justices Joymalya Bagchi and V Mohana

यह मामला भारत के संविधान के दसवें शेड्यूल को असरदार तरीके से लागू करने से जुड़ा है, जिसमें एंटी-डिफेक्शन कानून है जिसका मकसद चुने हुए विधायकों को चुने जाने के बाद राजनीतिक पार्टी बदलने से रोकना है।

सिब्बल की याचिका विपक्षी राजनीतिक पार्टियों के मर्जर से जुड़ी है। उन्होंने दसवें शेड्यूल के उस मतलब को चुनौती दी है जो अलग-अलग ग्रुप्स को मर्जर का रास्ता अपनाकर एंटी-डिफेक्शन कानून से बचने की इजाज़त देता है।

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Kapil Sibal moves Supreme Court against MP/MLA defections, says 10th Schedule being rendered moot

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