केरल हाईकोर्ट ने स्टेट बार काउंसिल को उन वकीलों की पहचान करने का निर्देश दिया है जिन्होंने 2021 से AIBE पास नहीं किया

कोर्ट ने काउंसिल को निर्देश दिया कि वह 8 हफ़्ते के अंदर लिस्ट को अपडेट करे और उन वकीलों की पहचान करने के लिए नियमित रूप से इसकी समीक्षा करती रहे जो AIBE पास करने में असफल रहे हैं।
Keral Bar Council, Kerala High Court
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केरल हाईकोर्ट ने बुधवार को केरल बार काउंसिल (BCK) को निर्देश दिया कि वे उन वकीलों की पहचान करें और उनके नाम प्रकाशित करें जिन्होंने 2021 के बाद से ऑल इंडिया बार एग्जामिनेशन (AIBE) पास नहीं किया है। [अमरनाथ जोशी सुरेन्द्रन बनाम सचिव, केरल बार काउंसिल और अन्य]

चीफ़ जस्टिस सौमेन सेन और जस्टिस श्याम कुमार VM की डिवीज़न बेंच ने केरल बार काउंसिल को यह काम 8 हफ़्ते में पूरा करने का निर्देश दिया।

बेंच ने काउंसिल की ओर से दायर हलफ़नामे पर विचार करने के बाद ये निर्देश जारी किए। इस हलफ़नामे में उन कदमों की जानकारी दी गई थी जो काउंसिल ने कोर्ट के 19 अगस्त के पिछले आदेश के अनुसार उठाए थे। उस आदेश में, कोर्ट ने काउंसिल को खास तौर पर उन 1,157 वकीलों के नाम प्रकाशित करने का निर्देश दिया था, जिन्होंने 2010 और 2021 के बीच एनरोलमेंट तो कराया था, लेकिन AIBE पास नहीं किया था।

कोर्ट ने रजिस्ट्री को यह भी निर्देश दिया था कि वे ऐसे मामलों को रजिस्टर न करें जिनमें इनमें से किसी वकील ने वकालतनामा दायर किया हो, और यह आदेश भी दिया था कि यह लिस्ट पूरे केरल की ज़िला अदालतों को भेजी जाए।

भविष्य में ऐसे मामलों के सामने आने की संभावना और 2021 के बाद सामने आए मामलों को ध्यान में रखते हुए, कोर्ट ने काउंसिल को अपने रिकॉर्ड अपडेट करने का निर्देश दिया।

कोर्ट ने कहा, "हालांकि, भविष्य में ऐसे मामलों के होने पर जो नतीजे हो सकते हैं, और 2021 के बाद हुए मामलों को ध्यान में रखते हुए, केरल बार काउंसिल को 2021 से ऐसे वकीलों की लिस्ट को आठ हफ़्ते के भीतर अपडेट करना होगा और यह समीक्षा करते रहना होगा कि क्या ऑल इंडिया बार एग्ज़ामिनेशन पास करने में कोई कमी रह गई है।"

साथ ही, कोर्ट ने यह भी साफ़ किया कि जिन वकीलों ने बाद में AIBE पास कर लिया है, वे 'सर्टिफ़िकेट ऑफ़ प्रैक्टिस' (CoP) के लिए आवेदन कर सकते हैं।

काउंसिल को यह भी निर्देश दिया गया कि वह अपडेटेड लिस्ट प्रकाशित करे और उसे रजिस्ट्रार (ज़िला न्यायपालिका) को भेजे, जो फिर कार्रवाई के लिए संबंधित ज़िला जजों को लिस्ट भेज सकें।

Chief Justice Soumen Sen and Justice Syam Kumar VM (Kerala HC)
Chief Justice Soumen Sen and Justice Syam Kumar VM (Kerala HC)

ये निर्देश अमरनाथ जोशी सुरेन्द्रन द्वारा दायर एक जनहित याचिका (PIL) के जवाब में आए। यह याचिका उन वकीलों के बारे में थी जो कथित तौर पर AIBE पास किए बिना और CoP (प्रैक्टिस का प्रमाण पत्र) हासिल किए बिना वकालत कर रहे थे। एक फैमिली कोर्ट में वैवाहिक विवाद के मामले में पेश होने के दौरान, सुरेन्द्रन को पता चला कि दूसरी पार्टी के वकील ने कथित तौर पर AIBE पास नहीं किया था और उनके पास वैध CoP नहीं था। इसके बाद उन्होंने 'सूचना का अधिकार अधिनियम' (RTI) के तहत काउंसिल में रजिस्टर्ड वकीलों के AIBE स्टेटस के बारे में जानकारी हासिल की।

याचिकाकर्ता और केरल बार काउंसिल द्वारा रिकॉर्ड पर रखी गई जानकारी पर विचार करने के बाद, कोर्ट ने काउंसिल को उन वकीलों की लिस्ट को अपडेट करने और नियमित रूप से रिव्यू करने का निर्देश दिया जिन्होंने AIBE पास नहीं किया है, और याचिका का निपटारा कर दिया।

याचिकाकर्ता खुद पेश हुए।

KeLSA की ओर से सीनियर एडवोकेट संतोष मैथ्यू पेश हुए, जिन्हें एडवोकेट शिंटो मैथ्यू अब्राहम ने निर्देश दिए थे।

एडवोकेट पी रामकृष्णन ने केरल बार काउंसिल का प्रतिनिधित्व किया।

एडवोकेट रजित बार काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से पेश हुए।

सीनियर सरकारी वकील बीजू मीनाटूर ने राज्य का प्रतिनिधित्व किया।

[फैसला पढ़ें]

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Kerala High Court directs State Bar Council to identify advocates who haven't cleared AIBE since 2021

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