केरल हाईकोर्ट ने रिपोर्टर टीवी के MD एंटो ऑगस्टीन को ज़मानत दी

जस्टिस कौसर एडप्पागाथ ने ऑगस्टीन की ज़मानत याचिका पर यह आदेश दिया। ऑगस्टीन को वायनाड स्थित उनके घर से तय सीमा से ज़्यादा शराब मिलने के बाद गिरफ़्तार किया गया था।
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केरल हाईकोर्ट ने मंगलवार को एक आबकारी मामले में मलयालम न्यूज़ चैनल 'रिपोर्टर टीवी' के मैनेजिंग डायरेक्टर एंटो ऑगस्टीन को ज़मानत दे दी। [एंटो ऑगस्टीन बनाम केरल राज्य]

जस्टिस कौसर एडप्पागाथ ने ऑगस्टीन की ज़मानत अर्ज़ी पर यह आदेश दिया। ऑगस्टीन को वायनाड में उनके घर से तय सीमा से ज़्यादा शराब मिलने के मामले में गिरफ़्तार किया गया था।

अभियोजन पक्ष के महानिदेशक टी. आसफ़ अली ने उनकी ज़मानत का विरोध करते हुए कहा कि पूछताछ के दौरान ऑगस्टीन चुप रहे और उन्होंने पुलिस का सहयोग नहीं किया।

अदालत ने मौखिक रूप से टिप्पणी की, "किसी आरोपी से यह उम्मीद नहीं की जाती कि वह जांच अधिकारी द्वारा पूछे गए सभी सवालों का जवाब दे। सुप्रीम कोर्ट ने बार-बार ऐसा कहा है।"

इसके अलावा, अदालत ने कथित अवैध शराब की बरामदगी और हिरासत में पूछताछ पूरी होने के बाद भी उन्हें हिरासत में रखने की ज़रूरत पर सवाल उठाया।

Justice Kauser Edappagath
Justice Kauser Edappagath

पिछली सुनवाई के दौरान, उस प्रॉपर्टी से ऑगस्टीन के कनेक्शन का सवाल भी उठा था जहाँ से कथित तौर पर अवैध शराब बरामद हुई थी।

ऑगस्टीन ने दलील दी थी कि प्रॉपर्टी 2022 में बैंक की नीलामी में बिक गई थी और अब वह उनके कब्ज़े में नहीं थी।

ऑगस्टीन और राज्य सरकार, दोनों की बात सुनने के बाद कोर्ट ने आज उन्हें ज़मानत दे दी, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें रखीं, जिनमें जांच अधिकारी के सामने पेश होना भी शामिल है।

केरल पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा ऑगस्टीन के ऑफिस और घरों की तलाशी लेने के एक दिन बाद, 17 सितंबर को आबकारी विभाग ने उन्हें गिरफ़्तार किया था।

यह तलाशी अर्जेंटीना की नेशनल टीम और फुटबॉलर लियोनेल मेसी को केरल लाने की नाकाम कोशिश से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत ली गई थी; इस कोशिश के लिए ऑगस्टीन की 'रिपोर्टर ब्रॉडकास्टिंग कंपनी' मुख्य कमर्शियल स्पॉन्सर थी।

वायनाड में उनके पारिवारिक घर पर छापेमारी के दौरान, अधिकारियों ने लगभग 67 लीटर विदेशी शराब और वाइन बरामद की, जो निजी कब्ज़े के लिए कानूनी तौर पर तय सीमा से ज़्यादा है।

आबकारी विभाग ने 17 सितंबर की सुबह ऑगस्टीन को गिरफ़्तार किया।

उन पर केरल आबकारी अधिनियम की धारा 55(i), 55(a) और 58 के तहत मामला दर्ज किया गया था, जो शराब या नशीले पदार्थों के अवैध आयात, निर्यात, परिवहन, बिक्री और गैर-कानूनी कब्ज़े के लिए सज़ा का प्रावधान करते हैं।

18 सितंबर को मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उनकी ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया।

अपनी ज़मानत अर्ज़ी में ऑगस्टीन ने दलील दी कि जिस प्रॉपर्टी से शराब ज़ब्त की गई थी, वह 2022 में बैंक की नीलामी में बिक गई थी और अब उनके कब्ज़े में नहीं थी।

अर्ज़ी में तलाशी और गिरफ़्तारी के तरीके में भी खामियों का आरोप लगाया गया।

उन्होंने कहा कि इस मामले में कस्टोडियल पूछताछ (हिरासत में पूछताछ) की कोई ज़रूरत नहीं थी।

ऑगस्टीन की ओर से सीनियर वकील एस. श्रीकुमार के साथ वकील एम.पी. शमीम अहमद और मुहम्मद फिरदौज़ ए.वी. पेश हुए।

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Kerala High Court grants bail to Reporter TV MD Anto Augustine

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