"याचिकाकर्ताओ के शांतिपूर्ण जीवन मे कोई हस्तक्षेप नही करेगा: इलाहाबाद HC ने लिव-इन रिलेशनशिप में दंपत्ति को सुरक्षा प्रदान की

अदालत ने कहा, "सूचीबद्ध होने की अगली तारीख तक कोई भी याचिकाकर्ताओं के शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप नहीं करेगा।"
"याचिकाकर्ताओ के शांतिपूर्ण जीवन मे कोई हस्तक्षेप नही करेगा: इलाहाबाद HC ने लिव-इन रिलेशनशिप में दंपत्ति को सुरक्षा प्रदान की
Allahabad HC and couple

इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने हाल ही में एक जोड़े को लिव-रिलेशनशिप में यह कहते हुए अंतरिम संरक्षण प्रदान किया कि किसी को भी उनके "शांतिपूर्ण जीवन" में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। (प्रिया और अन्य बनाम यूपी राज्य)।

न्यायमूर्ति पंकज नकवी और न्यायमूर्ति जयंत बनर्जी की खंडपीठ एक लिव-इन दंपति की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी जिसमें अदालत से उनके रिश्तेदारों को उनके जीवन में दखल देने से रोकने का निर्देश देने की मांग की गई थी।

अदालत ने निर्देश दिया, "सूचीबद्ध होने की अगली तारीख तक कोई भी याचिकाकर्ताओं के शांतिपूर्ण जीवन में हस्तक्षेप नहीं करेगा।"

याचिकाकर्ताओं की ओर से, यह प्रस्तुत किया गया था कि भले ही उन्होंने औपचारिक रूप से शादी नहीं की है, फिर भी वे अपनी मर्जी से एक जोड़े के रूप में एक साथ रह रहे हैं क्योंकि वे दोनों अपने हाई स्कूल प्रमाण पत्र के आधार पर वयस्कता की आयु प्राप्त कर चुके हैं।

कोर्ट ने अंतरिम निर्देश देते हुए प्रतिवादियों को एक महीने के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई अगस्त 2021 के अंतिम सप्ताह में होगी।

[आदेश पढ़ें]

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"No one shall interfere in peaceful living of petitioners:" Allahabad High Court grants protection to couple in live-in relationship